चंदौली के पीडीडीयू नगर गंगा के जल स्तर के खतरे का निशान पार करने के बाद भी बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी है। सोमवार की शाम तीन बजे जल स्तर खतरे के निशान 71.262 मीटर से 21 सेमी ऊपर बह रहा था। वहीं एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जल स्तर बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती इलाके के कई गांवों में और बलुआ गंगा घाट से बाजार में पानी घुस गया। इससे बाजार के लोग पलायन करने लगे हैं।
एडीएम अतुल कुमार के अनुसार सोमवार की सुबह गंगा का जल स्तर खतरे के निशान 71.262 मीटर को छू गया। शाम तीन बजे तक जल स्तर 71.47 सेमी तक पहुंच गया। यही नहीं अभी भी लगातार एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा का पानी सिवान से आगे बढ़कर गांव के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया है। जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है। उससे मंगलवार तक गांवों में घरों तक पानी पहुंचने की आशंका है। लोग गृहस्थी के सामान व पशुओं को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं।
पड़ाव क्षेत्र के रतनपुर, बहादुरपुर, कुंडा खुर्द, मढिया, सूजाबाद, डोमरी सहित अन्य गांवों में घर के समीप तक पानी पहुंच गया है। चहनियां संवाददाता के अनुसार गंगा का रौद्र रूप देखकर ग्रामीणों में दहशत है। बलुआ घाट पूरी तरह से डूब गया। वहीं बलुआ बाजार और गांवो की तरफ पानी तेजी से बढ़ रहा है।बलुआ घाट पर शौचालय, मूत्रालय,हैंडपंप, स्टोर रूम आदि पानी में डूब चुका है। सैदपुर तीरगांवा पुल पर पानी धीरे धीरे चढ़ रहा है। इसी तरह तटवर्ती नादी निधौरा, कांवर, सराय, विजयीपुरा, महुअरिया आदि गांव के खेतों में पानी भरने से फसल नष्ट होने की संभावना है। गंगा का पानी बाणगंगा नदी में भी प्रवेश कर भुसौला होते हुए रामगढ़, बैराठ, सिंगहा तक आ गया है। इसी तरह कांवर, महुअरिया, बिसूपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ , डेरवा, महुअर कला, हरधन जुड़ा, पूरा गणेश, सोनबरसा, महमदपुर, सरौली, टांडा कला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर तक पानी पहुंच गया है। धानापुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के नौघरा, बुद्धपुर, हिंगुतरगढ़, दीयां-रामपुर, प्रसहटां, गद्दोचक, नेकनामपुर, करीं, नादीं, नरौली, नगवां, अमादपुर, मेढ़वां, सकरारी, कोहणां, पपरौल, प्रहलादपुर, गुरैनी आदि गांवों की फसलें डूबनें से किसान काफी परेशान हैं।
धानापुर गंगा तट को छोड़ कर तटवर्ती गांव के मुहाने तक आ गई हैं। कई गांव पानी से घिरने लगे हैं। शनिवार की शाम बारिश के बीच डीएम संजीव सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों को बाढ़ में किसी को परेशान न हो इसके लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया। डीएम ने गंगा के तटवर्ती नौघरा, बुद्धपुर और प्रसहटा गांवों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से समस्याएं सुनाई। बताया कि गंगा का पानी खेतों में पहुंच गया है। इससे फसल और पशुओं का चारा डूब गया है। पशुओं के सामने चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। विषैले जंतुओं का प्रकोप गंगा में बाढ़ के कारण बढ़ गया है। क्षेत्र के नौघरा, बुद्धपुर, प्रसहटा गांव की सड़कों पर गंगा का पानी रेंगने लगा है। रामपुर दीयां गांव का मजरा गद्दोचक का संपर्क टूट गया है। रामपुर दीयां गांव के प्रधान रामनगिना यादव ने कहा कि गद्दोचक गांव बाढ़ में घिर गया है।
पीडीडीयू नगर एसडीएम विजय कुमार सिंह के साथ विधायक प्रतिनिधि राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बाढ़ की आशंका वाले गांवों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ विधायक प्रतिनिधि ने कुंडा खुर्द, कुंडा कलां, सुल्तानपुर आदि गांव में पहुंच कर भूमि कटान की स्थिति से अवगत हुए। बताया कि विधायक के निवेदन पर जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति ने 4132.08 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। कोरोना की वजह से धन आवंटित नहीं हो पाया। मानसून सत्र में धन आवंटित कराया जाएगा। इससे आने वाले समय में बाढ़ से भूमि कटान की समस्या नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान बबलू सिंह, राजेश यादव, आशीष मिश्रा, अमित तिवारी, प्रिंस सिंह, गब्बर सिंह, भैया लाल यादव, राजू साहनी, विनोद साहनी रहे।