पीडीडीयू नगर। अंधेरे पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली की पूर्व संध्या पर बुधवार को रंग बिरंगी रौशनी से शहर और गांव नहा उठे हैं। छोटी दीपावली पर लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों पर रंग बिरंगी झालरों से जगमगा दिया है। वहीं लोगों ने यम के दीपक भी जलाए और अभीष्ट की कामना की। दीपोत्सव के मद्देनजर बुधवार को बाजार भी चरम पर पहुंच गया है। धनतेरस के दूसरे दिन भी पर्व के मद्देनजर बाजार में खूब खरीदारी हुई। दीपावली पर बिजली न कटे इसके लिए प्रदेश ने अतिरिक्त बिजली मुहैया कराई है।
मान्यता है कि कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था और सोलह हजार कन्याओं को मुक्त कराया था। तभी से इस दिन को नरक चतुर्दशी अथवा नरक चौदस के नाम से जाना जाता है। इस दिन विधि विधान से यम का पूजन करने पर नरक निवारण हो जाता है। इसी को देखते हुए बुधवार को घरों में छोटी दीपावली की पूजा की गई और यम के नाम के जलाए गए। बड़ी दिवाली तक लक्ष्मी पूजन का महत्व माना गया है। लेकिन छोटी दिवाली के दिन कृष्ण भगवान, यमराज और हनुमान जी की पूजा को महत्वपूर्ण माना जाता है। कोरोना की दूसरी लहर के कम होने के बाद लोग त्योहारी सीजन में पूरी तरह डूब गए हैं। छोटी दीपावली पर शहरी क्षेत्र में अलग ही नजारा दिखा। बाजार में प्रतिष्ठान फूल माला और विद्युत झालरों से सजे रहे आवासीय परिसर भी रोशनी से नहाए नजर आए। चीनी आइटमों के विरोध का असर सजावट पर देखने को मिला। घरों, दुकानों पर स्वदेशी रंग बिरंगे बल्बों की लड़ी से सजावट की गई। पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी, विकास नगर, रविनगर, महमूदपुर, पटेल नगर, लाठ नंबर एक और दो, न्यू महाल, शाहकुटी कालीमहाल, चतुर्भुजपुर, अलीनगर, परशुरामपुर सहित विभिन्न मुहल्लों में पर्व को लेकर उत्साह दिखा। वहीं रेलवे के आरपीएफ कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी, गया कालोनी, यूरोपियन कॉलोनी, रोजा कॉलोनी, मानसनगर, सेंट्रल कॉलोनी, प्लांट डिपो कॉलोनी में रेलवे क्वार्टरों पर भी विद्युत झालरों से रोशनी की गई है।