पीडीडीयू नगर। कोरोना संकमण का प्रभाव लगभग समाप्त हो जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया है। बोर्ड की ओर से जारी सूची के अनुसार अगामी 24 मार्च से बोर्ड परीक्षाएं होंगी। परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद छात्र तैयारी में जुट गए हैं।
कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 में परीक्षाओं के दौरान बढ़े संक्रमण के कारण बची परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। इसके बाद परीक्षा का रिजल्ट भी घोषित नहीं हो सका था और सभी परीक्षार्थियों को सामान्य व पुराने प्रदर्शन के आधार पर नंब देकर उत्तीर्ण कर दिया गया था। वहीं वर्ष 2021 में तो कोरोना संक्रमण के कारण सिरे से ऑफलाइन परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसके स्थान पर ऑनलाइन परीक्षा हुई और सभी परीक्षार्थियों को प्रोमोट कर दिया गया। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के लगभग समाप्त हो जाने के बाद शिक्षा विभाग ने बोर्ड की परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया और परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी है। परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्र-छात्राओं ने बातचीत में अपनी राय कुछ इस प्रकार व्यक्त की।
ऑफलाइन बोर्ड परीक्षा कराने का शासन का निर्णय सराहनीय है। दो वर्ष परीक्षा न होने से छात्र अपनी असली क्षमता का आकलन नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें अपनी क्षमता का पता चल सकेगा। सोफिया बानो, कक्षा-12
बोर्ड परीक्षा नहीं होने से छात्रों में मायूसी थी। ऑनलाइन परीक्षा में काफी व्यवधान उत्पन्न होता था। नंबर भी प्रतिभा के अनुकूल नहीं आ पा रहे थे। छात्रों की असली परीक्षा तो ऑफलाइन ही होती है। अंजली मौर्या, कक्षा-12
स्कूलों के खुलने के बाद ही परीक्षा होने की संभावना बढ़ गई थी। इसलिए छात्र-छात्रा पूरे मनोयोग से परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे। घर की बजाए कक्ष में बैठकर परीक्षा देने से असली प्रतिभा का पता चलेगा। अर्जुन यादव, कक्षा- 12
दो वर्ष तक बोर्ड की परीक्षा नहीं होने से छात्रों को हाईस्कूल में सामान्य अंकों से पास कर दिया गया था। इससे प्रतिभावान छात्रों में नाराजगी थी। अब आफलाइन परीक्षा से उनकी प्रतिभा को न्याय मिलेगा। गोलू कुमार, कक्षा-12