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Chandauli News: ग्रामीणों के विरोध के कारण खाली हाथ लौटी जमीन अधिग्रहण करने गई टीम

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नियामताबाद। मिल्कीपुर में बने बंदरगाह के विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण के बाबत एसडीएम अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे मिल्कीपुर और ताहिरपुर में तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन देने को राजी नहीं हुए।
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पीडीडीयू नगर तहसील के मिल्कीपुर में गंगा नदी के किनारे बंदरगाह का निर्माण कराया गया है। इसके विस्तारीकरण के लिए चदौली के मिल्कीपुर ताहीरपुर, मिर्जापुर जिले के रसूलागंज और वाराणसी जिले के राहुलपुर के किसानों की जमीन अधिगृहीत की जानी है। पीडीडीयू नगर तहसील प्रशासन की टीम पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मंगलवार को मिल्कीपुर गांव में पहुंची। यहां टीम ने जब काम करना शुरू किया तो ग्रामीण प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए मौके पर पहुंच गए। वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देने पर अड़ गए। इसकी जानकारी विपक्षी दल सपा के लोगों के लोगों को हुई। सपा नेता मनोज सिंह काका भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। यहां वे ग्रामीणों के साथ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए मौके पर एसडीएम अनुपम मिश्रा टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे और विरोध कर रहे ग्रामीणों से वार्ता शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों का कहना था कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन को अधिगृहीत नहीं की जा रही है। किसानों की सहमति के बगैर जमीन ली जा रही है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के श्मशान घाट, कब्रिस्तान, गंगा पूजन के लिए स्थान और वहां जाने के लिए रास्ता होना बहुत जरूरी है। इस पर एसडीएम ने ग्राम प्रधान से प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा। सपा नेता मनोज काका ने चेतावनी दी कि उचित प्रक्रिया और मुआवजा दिए बगैर जमीन का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा। एसडीएम अनुपम मिश्रा का कहना था कि बिना विधिक प्रक्रिया के बंदरगाह के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
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