बदले मौसम और बारिश से लोगों के शरीर पर संक्रमण की मार पड़ रही है। बारिश की वजह से वायरस के साथ-साथ गले, फेफड़ों, त्वचा और आखों में संक्रमण बढ़ गया है।
इससे पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने, चिकित्सकों से परामर्श और दवा के लिए मरीजों की कतार लगी रही।वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या 35 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
यही नहीं ओपीडी काउंटर रजिस्ट्रेशन काउंटर पैथोलॉजी काउंटर दवा काउंटर के अलावा सभी स्थान पर मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। कुछ इसी तरह का नजारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर भी देखने को मिल रहा है जहां दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग रही है।
पंडित संयुक्त पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बुधवार को 1400 मरीज आए।इसमें स्किन रोग विभाग की में 120 मरीज व नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में 110 मरीज और बच्चों की ओपीडी 130 अधिक आए।
वहीं अन्य ओपीडी कक्ष में 120 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर अपना इलाज कराया।वहीं सीनियर फिजिशियन डॉ. सत्य प्रकाश ने कहा कि वायरल बुखार, जुकाम, उल्टी के साथ पेट दर्द के मरीज भी आए हैं। उन्होंने बताया कि गले में दर्द की परेशानी भी लेकर काफी संख्या में मरीज आए।
सभी मरीजों को उपचार के साथ मौसम से बदलाव में सावधानी रखने की सलाह दी गई है। डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बारिश से मरीज पहले से ज्यादा बढ़े हैं। खानपान सही न रखने वाले लोगों का पेट ज्यादा खराब हो रहा है। इससे पेट में परेशानी के मरीज आए हैं।
बारिश में भीगने का बच्चों को एलर्जी भी हो रही है।जिससे त्वचा उनके दाने-दाने पड़ जा रहे है।
बारिश में भीगने और ठंडी चीजें खाने से बचें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आर के वर्मा ने बताया कि इस मौसम में ठंडा खानपान, बारिश में भीगने से भी लोग बीमार हो रहे हैं, जो लोग अधिक ठंडी चीजें, पेय पदार्थ, फ्रीज में रखी चीजें खा रहे हैं, उनका गला खराब हो रहा है।
ओपीडी में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, गला बंद और कोई चीज निगलने में दिक्कतों की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। गले के आसपास सूजन के बाद ऐसा हो रहा है, इसके साथ ही वायरल भी जकड़ रहा है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।