पीडीडीयू नगर। जिले को वर्ष 2022 के मार्च माह तक रिंग रोड की सौगात मिल जाएगी।वाराणसी से बन रहे रिंग रोड का 17 किलोमीटर हिस्सा चंदौली में पड़ेगा। जिसके लिए शासन से 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वाराणसी व चंदौली के बीच गंगा नदी पर 400 करोड़ की लागत से दो पुलों का निर्माण भी कराया जाएगा। रिंग रोड व पुलों के बन जाने से लोगों को आवागमन में सहूलियत होने के साथ दोनों जिलों को अक्सर लगने वाले जाम से मुक्ति भी मिलेगी। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और रिंग रोड के आसपास के इलाके में विकास की रफ्तार भी तेज हो जाएगी।
प्रदेश के अति पिछड़े जिलों में शामिल चंदौली में विकास की गति तेज करने के लिए रिंग रोड से जोड़ा जा रहा है। वर्ष 2020 से रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू हुआ। रिंग रोड का 17 किलोमीटर हिस्सा चंदौली पड़ रहा है। योजना के तहत चार लेन की सड़क से संपर्क मार्ग भी जुड़ेंगे। मार्च 2022 तक परियोजना पूरी हो जाएगी। रिंग रोड संदहा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग से शुरू होकर रेवसा गांव के समीप हाईवे में मिल जाएगा। रिंग रोड बनने के बाद वाराणसी से जनपद की दूरी 19.50 किलोमीटर हो जाएगी। वहीं अन्य लोग चंद मिनट में ही गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। रिंग रोड बन जाने से परिवहन व्यवस्था व बेहतर सड़क होने से आसपास के इलाके का भी विकास होगा।
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जगह-जगह बनेंगे अंडरपास
रिंग रोड के आसपास पड़ने वाले गांव संपर्क मार्ग के जरिए जुड़ेंगे। इसको लेकर करीब एक दर्जन स्थानों पर अंडरपास भी बनाए जाएंगे। ताकि हादसों की आशंका कम रहे। कार्यदाई संस्थाएं इसका खाका तैयार कर रही हैं।
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वाराणसी व चंदौली में बन रहे दो आरओबी
गंगा नदी पर वाराणसी व चंदौली में दो आरओबी बनाने का काम चल रहा है। गाजीपुर और बनारस के गंगा इस पार जिले के रहने वालों की दूरी करीब 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। वाराणसी शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड का काम तेजी से चल रहा है। चिरईगांव से हरहुआ तक पहले फेज का काम पूरा होने के साथ वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इससे बनारस समेत कई जिलों का आवागमन सुगम हो गया।
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रिंग रोड बनने के लिए अधिग्रहित की गई है 103 हेक्टेयर जमीन
रिंग रोड बनाने के लिए शासन पीडीडीयूतहसील के 27 गांव के किसानों से 190 करोड़ 41 लाख 16 हजार 370 रुपये की लागत से 103.8823 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर विकास को गति दी जाएगी। इन किसानों के जमीन के अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है। मुआवजे के रुप में सरकार को 190 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च करने होंगे। किसानों से सहमति पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने धन का मांग की गई थी। शासन स्तर से प्राप्त धन का वितरण किसानों में किया जा रहा है।
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रिंग रोड का निर्माण प्रगति पर है। निर्माण कार्य 2022 तक पूरा हो जाएगा। संपर्क मार्गों के जरिए आसपास के गांव रिग रोड से जुड़ेंगे। इसके लिए जगह-जगह अंडरपास बनाने की योजना है।-एसबी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ
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इन गांवों के किसानों को मिलेगा मुआवजा
रिंग रोड में जनपद के धमनी, बसरतिया, बसनी, कोरी, दयालपुर, ककहरा,महेवा, जीवनपुर, कनैरा, मखदुमपुर, मुहम्मदपुर, सुल्तानीपुर, महादेवपुर, संघती, सराय, दोमनपट्टी, महादेवपुर कला, मवई कला, सलेमाबाद, चौबेपुर पट्टी, छेमिया,सहजौर, सैदुपरा, कुरहना, भीखमपुर, रेवसा व कुरहना गांव होते हुए वाराणसी के उमरहां मे जाकर मिलेगी। इन गांव के किसानों को मुआवजा का वितरण किया जाएगा।