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जिले दो वर्षों में कम हुआ 11.78 वर्ग किमी वन क्षेत्र का दायरा

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पीडीडीयू नगर। वनांचल के नाम से प्रसिद्ध चंदौली में पिछले दो वर्षों में 11.78 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का दायरा कम हुआ है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) की द्विवार्षिक रिपोर्ट में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ है। यह स्थिति तब है जब जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से दो वर्षों में लगभग 91 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया है।
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चंदौली जिले का भौगोलिक क्षेत्र 2541 वर्गमीटर में फैला हुआ है। इसमें से 7.91 वर्ग किमी घना जंगल, 361.60 वर्ग किमी खुला वन क्षेत्र और कुल 553.48 वर्ग किमी पूरा वन क्षेत्र है। चंदौली के कुल क्षेत्रफल का 21.78 फीसद हिस्सा वन से आच्छादित है। वन विभाग के सतर्कता के बावजूद भी हर साल कई किलोमीटर वन क्षेत्र को काटकर जमीन मे परिवर्तित करने का सिलसिला जारी है। विभाग इसे रोकने में नकाम है। यह बात केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) की द्विवार्षिक रिपोर्ट में सामने आई है। जिसमें बताया गया है 2019 के बाद 2021 तक जिले के 11.78 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का दायरा घटा है। 2020 में चंदौली प्रशासन की ओर से 42 लाख 800 पौधे लगाए गए थे। इसमें वन विभाग सर्वाधिक 25 लाख 11 हजार पौधों का रोपण किया था। जबकि ग्राम्य विकास विभाग 9.38 लाख, पंचायती राज 2.21 लाख व कृषि विभाग 1.19 लाख, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रेशम, बिजली, राजस्व समेत अन्य विभाग भी सार्वजनिक स्थानों पर चार लाख 11 हजार 800 पौधों का रोपण किया था। वहीं 2021 में जिले में 49.13 लाख पौधों लगाए गए थे। इसमें 27 लाख पौधे वन विभाग, तीन लाख पर्यावरण विभाग, 11 लाख पौधे ग्राम्य विकास, 1.28 लाख पौधे राजस्व और इतने ही पंचायती राज विभाग ने लगाए थे। कृषि विभाग को 2.15 और उद्यान विभाग ने 1.42 लाख पौधे लगाए थे। इसके बावजूद वन क्षेत्र में इतना बड़ा घटाव चौकाने वाला है साथ ही यह चिंताजनक स्थिति है।
विरान हो रहे जंगलों में सघनता बढ़ाने के लिए इस वर्ष 1200 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाएगा। वही क्षेत्रीय वनाधिकारियों को कटान और अतिक्रमण रोकने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। कई लोगों पर मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं।-दिनेश सिंह, डीएफओ
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