कंदवा। गर्भस्थ शिशु के बेहतर मानसिक विकास के लिए हर गर्भवती को संतुलित आहार लेना अति आवश्यक है। खासकर विटामिन बी का सेवन नियमित होना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, अनाज और दाल में विटामिन बी पाया जाता है। यह जानकारी रेवसा गांव स्थित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) प्रियतमा तिवारी ने बृहस्पतिवार को दी।
बताया कि विटामिन बी का नियमित सेवन पेट में पल रहे शिशु में स्पाइना बिफिडा जैसे तंत्रिका ट्यूब दोष को विकसित होने से बचाता है। इसके साथ ही अन्य जन्मजात दोषों जैसे खंड तालु (क्लैफ्ट पैलेट) आदि को भी रोकने में मदद कर सकता है। हर गर्भवती को आयरन और विटामिन बी की आपूर्ति के लिए नियमित चिकित्सक के संपर्क में रहना चाहिए। बताया कि हर गर्भवती को अपने आहार में विटामिन, मिनिरल और पोषक तत्वों के पूर्ति के लिए संतुलित आहार लेना अति आवश्यक है। गर्भावस्था में विटामिन की कमी से नवजात की रीढ़ की हड्डी में विकार हो सकता है। इसका सीधा असर उसके मस्तिष्क के विकास पर भी पड़ता है।