ग्रामीणों ने बताया कि सूबेदार मेजर सुरेश यादव काफी खुश मिजाज और जिंदादिल इंसान थे। जब भी छुट्टियों में गांव आते युवाओं में देश सेवा की अलख जगा जाते थे। उनके असामयिक निधन ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे बहादुरपुर गांव को ही गमजदा कर दिया।
सूबेदार मेजर सुरेश यादव का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव
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घटना के बाद घर में पिता जवाहर यादव, माता रमा देवी, पत्नी प्रियंका यादव और दो बच्चों अनमोल (12), अमीषा (16) का रो- रोकर बुरा हाल हो गया है। घटना की जानकारी होने के बाद उनके घर पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सोमवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।