एएसपी ने बताया कि पिछले दिनों हरवंश पांडेय ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि उनके और बेटे के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने 10-10 हजार रुपये का ऑनलाइन लोन लिया है। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस व क्राइम ब्रांच ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर धूरीकोट गांव स्थित अंडरपास के समीप से छह साइबर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है।
चंदौली में सदर कोतवाली पुलिस के गिरफ्त में ठगी के आरोपी।
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इनमें कंप्यूटर साइंस के जानकार, बैंकों से लोन दिलाने का काम करने वाले और वाहन मालिक भी शामिल हैं। आरोपी पिछले तीन माह से इस ठगी में लिप्त थे। गिरोह अब तक लगभग 40-45 लोगों के नाम पर लोन ले चुका है। उनके पास से 94 हजार 920 रुपये नगद, पांच लाख रुपये कीमत की 20 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के 13 पासबुक, तीन वोटर कार्ड, 16 चेक बुक, 10 पैन कार्ड, 35 सिम कार्ड, 42 रुपे कार्ड, 36 आधार कार्ड, एक सोने की अंगूठी, लैपटाप, दो एइपीएस मशीन, दो बाइक, एक चार पहिया वाहन समेत अन्य वस्तुएं बरामद की गईं ।
एएसपी सुखराम भारती ने बताया कि ठग गिरोह का सरगना वाराणसी के लंका थाने के सुसवाही के सत्संग बिहार कालोनी निवासी दिलीप कुमार सिंह है। इसके अलावा लंका थाना के करौंदी स्थित महामनापुरी कालोनी निवासी धीरज कुमार, चंदौली के सकलडीहा थाना के अवाजापुर निवासी नारायण कुशवाहा, बलुआ थाना के कैथी निवासी राहुल सिंह, भदोही के औराई थाना के पुरुषोत्तमपुर निवासी अजीत मौर्या, बिहार प्रांत के कैमूर जिले के चैनपुर थाना के रमौली निवासी प्रांजल पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।
एएसपी ने बताया कि पूरे रैकेट का पता लगाया जा रहा है। आरोपितों के खातों में पड़े लगभग 20 लाख रुपये की निकासी को ब्लाक कराने के लिए बैंकों को पत्र भेजा गया है। एएसपी ने सीसीटीएनएस में तैनात प्रभारी राहुल सिंह के द्वारा आरोपियों को ट्रेस करने पर बधाई दी।