चकिया। स्थानीय जिला संयुक्त चिकित्सालय में जलजमाव की समस्या को दूर करने और अस्पताल की गंदगी के निस्तारण के लिए 89 लाख रुपये रूपए खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नया मर्चरी रूम बनाने और बायो मेडिकल वेस्ट रूम को भी उपयोगी बनाने का प्रयास होगा। वही लैब के कचरे को फिल्टर करने का भी प्लांट इसी धन से लगेगा।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के क्वालिटी मैनेजर डॉ. दिलशाद अली के अनुसार अस्पताल में जलजमाव की समस्या तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने के चलते अस्पताल की गंदगी के निस्तारण का कोई उपाय नहीं था। बारिश के दिनों में जलजमाव की भी समस्या होती थी। वही लैब के कचरे को क्यूरिफाई कर उसे द्रव के रूप में परिवर्तित कर बाहर निकालने के प्लांट की भी आवश्यकता महसूस की जा रही थी तथा मर्चरी रूम और मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कमरे की जरूरत थी। इसे ध्यान में रखकर जिला प्रशासन ने इन कार्यों के लिए लगभग 80 लाख की धनराशि अवमुक्त किया जा रहा है। इन प्लांटों के लग जाने से अस्पताल की गंदगी को पूरी तरह निस्तारित करने में मदद मिलेगी।
अस्पताल में इन कार्यों के लिए जिलाधिकारी से डिमांड की गई थी इस कार्य योजना को मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही कार्यों को आरंभ कर दिए जाएंगे।-अजय कुमार सिंह गौतम, चीफ मेडिकल सुपरीटेंडेंट, जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया