पुलिस ने उसी रात दबिश देकर पूर्व जिलाध्यक्ष समेत चार सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और अगले दिन उन्हें जेल भेज दिया। विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव और अन्य लोग भूमिगत हो गए। इसी बीच विधायक की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दी गई थी जिसे विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश कुमार शुक्ला ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
दो दिन पहले अखिलेश यादव के निर्देश पर जिले में जांच के लिए आए सपा के प्रतिनिधि मंडल ने सपा कार्यकर्ताओं को क्लीन चिट दे दी थी। प्रतिनिधि मंडल में शामिल नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी।