पीडीडीयू नगर। तमाम ऊहापोह और संशय पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार की शाम चंदौली के मुगलसराय और चकिया विधानसभा सीट सहित पूर्वांचल के नौ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। मुगलसराय विधानसभा सीट से व्यापारी नेता रमेश जायसवाल को और चकिया से प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश खरवार को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों विधानसभा सीटों से सीटिंग विधायक साधना सिंह और शारदा प्रसाद का टिकट कटना जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चंदौली में चार विधानसभा सीटें मुगलसराय, चकिया, सैयदराजा और सकलडीहा हैं। भाजपा काफी पहले ही सैयदराजा और सकलडीहा सीट से सुशील सिंह और सूर्यमुनी तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। लेकिन मुगलसराय और चकिया सीट को लेकर नामांकन के दूसरे दिन तक घोषणा न होना चर्चा का विषय बना हुआ था। दोनों सीटों से कई दावेदार दिल्ली और लखनऊ में डेरा जमाए बैठे थे। माना जा रहा था कि पार्टी इन दोनों सीटों पर काफी सोच विचार का प्रत्याशी उतारेगी। इसी वजह से निर्णय में देरी हो रही है। जिले में 11 फरवरी से विधानसभा के लिए नामांकन शुरू हुआ है। इसके तीसरे दिन शनिवार को भाजपा ने मुगलसराय से व्यापारी नेता रमेश जायसवाल और चकिया से प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश खरवार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद तमाम अटकलों पर विराम तो लग गया पर सीटिंग विधायकों का टिकट कटने को लेकर हर ओर चर्चा का बाजार गर्म रहा।
पीडीडीयू नगर। भाजपा की ओर से चकिया विधानसभा की आरक्षित सीट पर प्रत्याशी बनाए गए कैलाश खरवार को पार्टी में कैलाश आचार्य के नाम से भी जाना जाता है। मूल रूप से चकिया विकासखंड के साड़ाडीह गांव के रहने वाले कैलाश पांचवीं कक्षा से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। जब वे गणनायक बने तब उनकी उम्र महज 11 वर्ष थी। इसके बाद मुख्य शिक्षक, शाखा कारवां, मंडल कारवां, खंड कारवां, सह जिला बौद्धिक प्रमुख, संपर्क प्रमुख, जिला सेवा प्रमुख रहे। वर्ष 2020 से काशी विभाग के सह विभाग संघ चालक हैं। कैलाश खरवार पेशे से शिक्षक हैं और प्राथमिक विद्यालय चकिया द्वितीय में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं। कैलाश आचार्य मार्च माह में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। संवाद
पीडीडीयू नगर। भारतीय जनता पार्टी ने मुगलसराय विधानसभा सीट से वैश्य समाज से जुड़े हुए व्यापारी नेता रमेश जायसवाल को टिकट देकर इतिहास कायम किया है। जिले में जबसे विधानसभा चुनाव हो रहा है तब से किसी राष्ट्रीय पार्टी ने कभी किसी वैश्य जाति को विधानसभा का टिकट नहीं दिया था। वैश्य समाज के लोग इसको लेकर लगातार मांग कर रहे थे। रमेश जायसवाल बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। पिछले 20 वर्षों से भाजपा के जिला सचिव, युवा प्रकोष्ठ, महामंत्री समेत कई पदों पर रहे हैं। रमेश अभी भाजपा से काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष के पद पर हैं। रमेश जायसवाल की पत्नी रेखा जायसवाल 2012-2017 तक नगर पालिका परिषद, मुगलसराय की चेयरमैन रही हैं। रमेश के पिता मिठाई लाल जायसवाल भी संघ से जुड़े थे और चेयरमैन का चुनाव भी लड़ चुके हैं।