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रेलवे है देश की संपत्ति, इसे बेचा जाना बर्दाश्त नहीं

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पीडीडीयू नगर। केंद्र सरकार के रेलवे सहित देेेश की विभिन्न सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने के विरोध में बुधवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने अलग अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। चेतावनी दिवस मनाते हुए सरकार के विरोध में खूब नारेबाजी की। कहा कि रेलवे देश की संपत्ति है। इसे बेचा जाना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। कहा कि इसका विरोध किया जाएगा और यदि सरकार नहीं मानी तो रेलवे का परिचालन रोक दिया जाएगा। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र के आवाह्न पर ईसीआरकेयू शाखा एक के बैनरतले पीडीडीयू रेलवे के डाउन रिसिविंग यार्ड के वरीय अनुभाग अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर शाखा मंत्री श्रीराम सिंह ने चेताया कि यदि सरकार अपने पवैये को नहीं बदलती है तो रेलकर्मियों के सब्र का बांध टूट जाएगा। डीपी यादव ने कहा कि रेलवे किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह देश की संपत्ति है।
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इसे निजी हाथों में देना बर्दाश्त नहीं है। इस मौके पर हरेराम मिश्र, जफ़र अली, प्रवीण कुमार सिंह, यूसी मौर्य, मुजम्मिल हक, चंद्रमा सिंह, अजय कुमार, दिनेश ओझा, अवधेश यादव, चंद्रकांत वर्मा, केडी यादव, जगतनरायण, अनिल कुमार सिंह, राकेश कुमार राय, सलिम दुरानी, अमित राज, उमाशंकर सिंह, विजय देवगन रहे। ईसीआरकेयू प्लांट डिपो शाखा की ओर से प्लांट डिपो कारखाना के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री और पीएनएम प्रभारी बीबी पासवान ने कहा कि भारत सरकार रेल संपत्तिओं के मुद्रीकरण के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई है। इसमें रेलवे परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से 1.52 लाख करोड़ रुपए हासिल करने की प्रक्रिया के लिए 400 रेलवे स्टेशन ,90 यात्री गाड़ियों, 1400 किलो मीटर पटरियों, 15 रेलवे स्टेडियम ,265 गोदाम और कई कालोनियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की गई है। इस दौरान रेलवे कॉलोनियों की दुर्दशा पर भी चिंता व्यक्त की गई। कहा कि इसके विरोध में 23 सितंबर को मंडल सहायक इंजीनियर (कॉलोनी) के के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर एके उपाध्याय, सुल्तान अहमद ,मीनू कुमारी रहे। अध्यक्षता एसपी सिंह ने किया।
पीडीडीयू नगर। इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन के केंद्रीय कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक में केंद्र सरकार के राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना का विरोध किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि 19 से 28 सितंबर तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को इसके नुकसान बताएंगे। इसके बाद विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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बैठक में इंडियन रेलवे इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने कहा कि रेलवे को बेचने के किसी भी प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार का देश की परिसंपत्तियों का सिर्फ छह लाख करोड में मुद्रीकरण करना देश में फिर से कंपनी राज स्थापित करने का बड़ा षड्यंत्र है। केद्र सरकार ने मुद्रीकरण योजना के तहत रेलवे के 40 रेलवे स्टेशन, 90 यात्री गाड़ियों, 15 स्टेडियम, रेलवे कालोनियां, गुड्स शेड, मालगाड़ी के गलियारे, 25 हवाई अड्डे, सड़कें, कारखाने आदि को छह लाख करोड़ में निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है। यह परिसपंत्तियां देश का बुनियादी ढांचा है। बैठक में आईआरईएफ के कार्यकारी अध्यक्ष अमरीक सिंह,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान ने कहा कि मुद्रीकरण के खिलाफ 19 से 28 सितंबर तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक रवि सेन,डॉ. कमल उसरी, मनोज पांडेय, मृत्युंजय कुमार, वीआर सिंह , राजेंद्र पाल, पार्थों बनर्जी , एनएन बनर्जी, उम्मेद सिंह चौहान, सुभाष बागची रहे।
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रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-3300
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