पीडीडीयू नगर। निराश्रितों के लिए बनाए गए अलीनगर स्थित आश्रय केंद्र में पुलिसकर्मी रह रहे थे। जबकि ठंड में गरीब और निराश्रित खुले आसमान के नीचे सोने पर मजबूर थे। इस खबर को 28 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसको संज्ञान में लेकर नगर पालिका के ईओ ने प्रशासन को आश्रय स्थल खाली कराने का पत्र भेजा और शनिवार को पुलिसकर्मी आश्रय केंद्र से चले गए।
ठंड में निराश्रितों, यात्रियों और जरूरतमंदों के ठहरने के लिए डूूडा की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के अलीनगर में एक करोड़ से अधिक की लागत से आश्रय गृह का निर्माण कराया गया था। पचास बेड वाले इस आश्रय केंद्र में 25 बेड महिलाओं और 25 बेड पुरुषों के लिए अलग-अलग हालनुमा कमरों में लगाये गये है। पिछले कई महीनों से इस आश्रय केंद्र पर पुलिसकर्मियों व पीएसी के जवान रह रहे थे। जिसके कारण निराश्रितों व यात्रियों के ठहरने के लिए जगह ही नहीं बची थी। अमर उजाला ने इस खबर को 28 नवंबर के अंक में ‘निराश्रितों के लिए बना रैन बसेरा, पुलिसकर्मियों ने डाला डेरा’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेकर नगर पालिका के ईओ कृष्णचंद्र ने अलीनगर एसएचओ को पत्र भेजकर जगह खाली करने को कहा और पूरे प्रकरण से अपर जिलाधिकारी को भी अवगत कराया। जिसके बाद शनिवार को पुलिसकर्मी आश्रय केंद्र से चले गए। आश्रय केंद्र का पूरा बेड खाली हो चुका है। अब निराश्रित यहां आराम से रात गुजार सकते हैं।