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नाटी मंसूरी को मात देगी पीआर-121 नई प्रजाति

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चंदौल। धान के कटोरे में अधिक पैदावार के लिए किसानों की पहली पसंद बनी नाटी मंसूरी को इस बार नई प्रजाति पीआर-121 मात देगी। कृषि विभाग ने पंजाब से इस नई प्रजाति के बीज सरकारी गोदामों पर उपलब्ध कराया है। इस प्रजाति की उपज प्रति हेक्टेयर 70 कुंतल से अधिक होने से साथ ही चावल महीन और सुगंधित भी है। इसलिए किसान सरकारी गोदाम से नाटी मंसूरी के बजाय पीआए-121 को खरीदने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। वहीं कृषि विभाग की ओर से 50 फीसदी अनुदान भी दिया जा रहा है।
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कृषि विभाग ने खरीफ के सीजन में 1.16 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में धान की फसल का उत्पादन का लक्ष्य रखा है। दावा है कि मौसम अनुकूल रहने पर 3.98 लाख कुंतल से अधिक रिकार्ड तोड़ धान की पैदावार हो सकती है।
कृषि विभाग के अनुसार नाटी मंसूरी का दाना मोटा होने के साथ-साथ 150 से 155 दिन का समय लगता है। सिंचाई भी अधिक करनी पड़ती है। जबकि धान की नई प्रजाति करीब 135 दिन में तैयार होने के साथ ही दाना पतला होने के साथ सुगंधित होगा। प्रतिहेक्टेयर दोनों की पैैैदावार लगभग बराबर है। ऐसे में किसान नई प्रजाति को अधिक पसंद कर रहे हैं।
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वहीं खरीफ के सीजन में धान की नर्सरी पड़ने से पूर्व सरकारी गोदामों में कई नई प्रजातियों के सात सौ कुतंल से अधिक बीज को उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें पीआए-121 के साथ सांभा सबवन, एचक्यूआर-105, एचयूबीआर 10-9, एमटीयू-7029 (नाटी मंसूरी) शामिल है। धान की सभी प्रमाणित और आधारीय बीजों पर कृषि विभाग की ओर से 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। वहीं फसल की क्राप कटिंग के माध्यम से प्रदर्शन करने वाले किसानों को बीज खरीदने पर 90 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
चंदौली। कृषि विभाग ने धान की मोटी प्रजाति एमटीयू 7029 का फुटकर बिक्री मूल्य 35.95 रुपये निर्धारित किया है। वहीं मध्यम महीन प्रजाति का 36.25 तथा सुगंधित प्रजाति एचक्यूआर 105, एचयूआर टेन डैस नाइन का 50.15 रुपये प्रति किलों के हिसाब से किसानों को बेचने का निर्धारण किया है।
जिले के सभी राजकीय कृषि गोदामों पर धान की उन्नत प्रजातियों के सात सौ कुंतल से अधिक बीज उपलब्ध कराया गया है। जबकि सात सौ कुंतल और बीज एक दो दिनों में गोदामों में पहुंच जाएगा। किसानों को बीज क्रय करने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। जबकि क्राप कटिंग के माध्यम से प्रदर्शन करने वाले किसानों को बीज क्रय करने पर 90 प्रतिशत अनुदान देने की योजना है। राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।
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