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लापरवाही: बिहार के दो कोविड पॉजिटिव लोगों को नौगढ़ का बताया

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार चंदौली में रविवार कुल चार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। उनमे दो नियामताबाद और दो नौगढ़ के बताए गए। इस खबर के वायरल होने के बाद नौगढ़ के लोगों ने हड़कंप मच गया। नौगढ़ पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र है। पहली और दूसरी लहर में यहां काफी कम मरीज थे। ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ गई कि इस बार पहले ही नौगढ़ के मरीज कैसे मिल गए।
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लोगों के जानकारी करने पर पता चला कि यह स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है। दरअसल नौगढ़ के बताए जा रहे कोविड पॉजिटिव बिहार के हैं और उनकी जांच भी पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में हुई है। उनके पते में तो बिहार लिखा है पर ब्लॉक में नौगढ़ लिख दिया गया है। इसकी कटिंग भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। लोग नौगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवधेश पटेल को फोन करने लगे। सीएचसी अधीक्षक गोल मटोल जवाब देते रहे। नौगढ़ के लोग काफी चिंतिंत थे। हमारी बातचीत में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वी.पी. द्विवेदी ने बताया कि यह चूक हुई है। दरअसल बिहार से आए दो लोगों की कोविड जांच पीडीडीयू नगर में हुई थी। जहां उन्होंने पते में बिहार और ब्लॉक में नौगढ़ लिखा दिया। जिसकी वजह से यह गड़बड़ी हुई। सीएमओ की बात संभवत: सत्य हो पर सवाल यह भी उठता है कि कोविड पॉजिटिव लोगों की रिपोर्ट और उनका डेटा संचयन में स्वास्थ्य विभाग इतना लापरवाह क्यों है। जब पते में बिहार लिखा गया तो ब्लॉक में नौगढ़ का नाम दर्ज करते हुए स्वास्थ्यकर्मी को क्या नहीं समझ आया कि बिहार नौगढ़ में नहीं है। बिहार राज्य है और नौगढ़ ब्लॉक। ऐसे में एक ब्लॉक में राज्य कैसे हो सकता है। कोविड के डिटेल में पते की जगह गांव या वॉर्ड का नाम लिखते हैं। जब वहां बिहार दर्ज किया गया तभी स्वास्थ्यकर्मी को सुधार लेना था। पर लापरवाही वहीं नहीं रूकी और रविवार की शाम सूचना विभाग की विज्ञप्ति में यह जारी कर दिया गया कि चंदौली के नौगढ़ में दो समेत जिले में चार मरीज मिले हैं।
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