चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ निवासी एनडीआरएफ जवान रितेश सिंह (39) की रविवार की देर रात ड्यूटी के लिए वाराणसी जाते समय बलुआ के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
रितेश 2006 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और अभी वाराणसी के 11 बटालियन एनडीआरएफ में तैनात थे। ड्यूटी के लिए घर हिंतरगढ़ से वाराणसी के लिए जा रहे थे रितेश सिंह के परिवार में एक पुत्र और पुत्री है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। सोमवार सुबह एनडीआरएफ के अधिकारियों की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। धानापुर थाना अंतर्गत हिंगुतरगढ़ निवासी जयप्रकाश सिंह के पुत्र रितेश सिंह वर्ष 2006 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। एक वर्ष पहले 19 अगस्त 2023 को रितेश को सीआरपीएफ से एनडीआरएफ में भेज दिया गया। वर्तमान में 11वीं बटालियन एनडीआरएफ में सेवाएं दे रहे थे। छुट्टी लेकर रितेश हिंगुतरगढ़ आए थे। रविवार रात बाइक से ड्यूटी जाने के लिए निकले। आधी रात के वक्त अभी वे बलुआ तिराहे पर पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने रितेश की बाइक में टक्कर मार दी। इस घटना में रितेश सड़क पर गिर कर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना के बाद जब तक लोग जुटते टक्कर मारने वाला वाहन भाग गया। लोगों ने रितेश को पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने जवान को मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर रितेश के परिवार वाले भी अस्पताल पहुंचे। जवान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी आशा सिंह, बड़ी बेटी सातवीं की छात्रा रियांशा सिंह, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला बेटा शौर्य सिंह के आंसू नहीं थम रहे। बलुआ थाना प्रभारी डॉ. आशीष मिश्र ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार सुबह पुलिस की सूचना पर एनडीआरएफ बटालियन के अधिकारी भी पहुंच गए। सुबह एनडीआरएफ अधिकारियों की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। बलुआ थानाध्यक्ष डॉ. आशीष मिश्र ने बताया कि एनडीआरएफ के जवान की बाइक में टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।