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बाढ़ के पानी से घिरे गंगा के तटवर्ती एक दर्जन से अधिक गांव, गहराया चारे का संकट

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पीडीडीयू नगर। गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बाढ़ से एक दर्जन से अधिक गांव पानी में घिर गए हैं। घरों तक पानी पहुंचने से लोग सुरक्षित स्थान को जाने लगे हैं और जानवरों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण ली है। मंगलवार की शाम तीन बजे जल स्तर 71.83 मीटर तक पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 71.262 मीटर से आधा मीटर ऊपर है। जिला प्रशासन के अनुसार अभी भी गंगा का जल स्तर दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पीडीडीयू नगर चहनियां मार्ग पर बह रहा है एक फूट पानी बह रहा है।
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गंगा का पानी खेतों से होते हुए गांवों तक पहुंच गया है। मंगलवार को जिले के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ऐसे में गांव के लोगों के सामने पशुओं का चारा और अपने खाने पीने के सामान का संकट आ गया है। चहनियां पीडीडीयू नगर मार्ग पर जगह- जगह पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार गंगा का पानी सूजाबाद गांव में घरों में घुसने लगा है। वहीं डोमरी गांव से होते हुए पानी रतनपुरा, कुंडा खुर्द बहादुरपुर होते हुए मढ़िया और चौरहट गांव तक पहुंच गया है। स्थिति यह है कि मढ़िया गांव में अवधूत भगवान राम महाविभूति स्थल का चबूतरा भी पानी में डूब गया है। चहनियां संवाददाता के अनुसार गंगा का पानी बलुआ बाजार और गांवों को अपनी आगोश में ले चुका है। सैदपुर तीरगांवा पुल पर पानी धीरे धीरे चढ़ रहा है। इसी तरह तटवर्ती नादी निधौरा, कांवर, सराय, विजयीपुरा, महुअरिया आदि गांव के खेतों में पानी भरने से फसल नष्ट होने की आशंका है। गंगा का पानी बाणगंगा नदी में भी प्रवेश कर भुसौला होते हुए रामगढ़, बैराठ, सिंगहा तक आ गया है। इसी तरह कांवर, महुअरिया, बिसूपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ , डेरवा, महुअर कला, हरधन जुड़ा, पूरा गणेश, सोनबरसा, महमदपुर, सरौली, टांडा कला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर तक पानी पहुंच गया है। धानापुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के नौघरा, बुद्धपुर, हिंगुतरगढ़, दीयां-रामपुर, प्रसहटां, गद्दोचक, नेकनामपुर, करीं, नादीं, नरौली, नगवां, अमादपुर, मेढ़वां, सकरारी, कोहणां, पपरौल, प्रहलादपुर, गुरैनी आदि गांवों की फसलें डूबनें से किसान काफी परेशान हैं।
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चहनियां। गंगा के बाढ़ ने एक बार फिर से लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। चकरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। आने जाने का रास्ता बंद हो गया है। लोग छोटी नाव के सहारे किसी तरह आवागमन कर रहे हैं। इसी तरह मुकुंदपुर में भी नाव चल रहा है। ग्रामीण पशुओं के खाने का चारा आदि सामग्री लेकर के मारूफपुर स्थित राम साला प्रांगण में अपना डेरा डाले हुए हैं।
चहनियां। केंद्रीय मंत्री और चंदौली सांसद डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय के निर्देश पर भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी ने मंगलवार को क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त इलाके का भ्रमण किया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों से वार्ता की और कटान की स्थिति को देखा। आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ सूर्यमुनि तिवारी ने टांडा कला, पूरा गणेश ,पूरा विजयी, तीरगावां आदि गांवों में पहुंच कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया। बताया कि सरकार ने बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति के लिए 4132.08 रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। अभी बजट आवंटित नही हुआ है। कहा कि बाढ़ प्रभावितों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर जानवरों के लिए चारा और ग्रामीणों के लिए हर प्रकार की सुविधा देने के लिए तैयार है। इस मौके पर एडीओ पंचायत इंद्र भूषण दुबे, थानाध्यक्ष बलुआ उदय प्रताप सिंह, मोनू मिश्रा, सलटू शर्मा, बनफल यादव, विनीत सिंह, बंटी सिंह, चौकी प्रभारी प्रशांत सिंह ,श्रवण यादव, नरेंद्र राम रहे।
पीडीडीयू नगर। जिला प्रशासन ने जिले में आई बाढ़ का लेकर पूरी तरह से तैयार होने का दावा किया है। एडीएम अतुल कुमार ने बताया कि प्रशासनिक तैयारी पूरी है। गंगा सहित अन्य सभी नदियों के जल स्तर पर पैनी नजर है। एक एक स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
बताया कि जले में कुल 1651 गांव हैं और इसका कुल क्षेत्रफल 128774 हेक्टेयर है। जिले में अब तक 206 मिमी बारिश हुई है। जिले में गंगा, कर्मनाशा, गड़ई, चंद्रप्रभा नदी का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ आता है। इससे कुल 334 गांव प्रभावित होते है। गंगा नदी की बाढ़ से 120, कर्मनाशा से 85, गड़ई से 46 और चंद्रप्रभा से 85 गांव प्रभावित होते हैं। कहा कि सकलडीहा में 13, पीडीडीयू नगर में छह बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है। इसी तरह चकिया और चंदौली में छह छह चौकी सक्रिय है। इस तरह कुल 42 बाढ़ चौकी सक्रिय हैं। बाढ़ से बचाव के लिए कुल कुल 120 मेगाफोन, 120 हेलमेट,120 लाइफ जैकेट, 120 फोल्डेबुल स्ट्रेचर, 82 नाव लगाए गए हैं। वहीं कुल 30 प्रशिक्षित कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। इसी तरह पीएसी 34 व 36 बटालियन में 21 मोटर बोट 33 बोट, 162 लाईफ जैकेट, 162 लाईफ बेल्ट वाटर टेंडर 4500 लीटर का एक, वाटर टेंडर 2000 लीटर का दो उपलब्ध है।
पीडीडीयू नगर। बाए़ की स्थिति को देखते हुए जिला कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका फोन नंबर 05412-262557 है। किसी भी समस्या के निदान के लिए तत्क कन्ट्रोल रूम से सम्पर्क किया जा सकता है। मोबाइल चिकित्सा दल भी गठित कि गए हैं। इसी तरह एसडीएम सकलडीहा के मो. नं. 9454417060, तहसीलदार सकलडीहा के मो.नं. 9454417064, एसडीएम पीडीडीयू नगर के मो. नं. 09454417061 और तहसीलदार के नंबर 9454417063 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
पड़ाव। बाढ़ से निपटने में जुटे नाविकों का पारिश्रमिक न मिलने से नाराज नाविकों से जिला प्रशासन की वार्ता मंगलवार को बेनतीजा रही। नाविक बिना पारिश्रमिक मिले बाढ़ में नाव देने को राजी नहीं हुए।
वर्ष 2019 में आई बाए़ के दौरान बहादुरपुर मल्लाह बस्ती के एक दर्जन नाविकों ने अपनी नाव दी थी। आरोप है कि अब तक इनके पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया। इस बीच बाढ़ को देखते हुए फिर से नाव मांगी जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को नायब तहसीलदार सुनील कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम बहादुरपुर गांव में पहुंची और मल्लाहों को मनाने का प्रयास किया। आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके पारिश्रमिक का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन नाविक नहीं माने। नाविकों की माने तो इस बार भी प्रशासन एक नाव का प्रतिदिन का पारिश्रमिक 1109 रुपये दे रहा है जबकि हम लोग दो हजार रुपये मांग रहे हैं। वार्ता के दौरान प्रधान मेराज अहमद, वीडीओ धनंजय सिंह, काननूगो मनीष सिंह,जगदंबा सिंह, लेखपाल बजरंग बली, गुलाब राम, संजय पासवान, सुक्खू साहनी, भोला, बल्लन, जुठन, जनार्दन, गणेश, कल्लू, भइया लाल, दिलीप माझी रहे।
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