शुक्रवार को तहसील परिसर में ही लेखपाल के द्वारा रिश्वत लेकर इसे लीगल वैधानिक शुल्क बताया जा रहा है। जबकि निर्धारित शुल्क केवल रुपये है। राजकुमार पाल नामक युवक के द्वारा विरोध करने और अपने को गांव का प्रधान बताने पर भी वह इसे शासन द्वारा निर्धारित शुल्क बताता है।
लेखपाल की कार्यर्शली से परेशान होकर बरवाडीह गांव के प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल ने कार के बोनट पर खसरा प्रपत्र पर दस्तखत कर रहे लेखपाल को 150 रुपये देते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही नौगढ़ तहसील के लेखपालों के साथ अन्य तहसील कर्मियों में खलबली मच गई।
आरोपी लेखपाल का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। जबकि प्रथम दृष्टया रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम ने देर शाम लेखपाल को निलंबित कर दिया है।