बबुरी। लगातार दो दिनों तक हुई बारिश में जर्जर मकानों के गिरने का सिलसिला जारी है। शनिवार की रात जरखोर गांव में कच्चा मकान गिरने से उसमें सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग दब गए। शोर सुनकर एकत्र लोगों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख सभी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को भी आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिरे। इसमें गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया।
सदर ब्लाक अंतर्गत जरखोर गांव को चंदौली सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने गोद लिया है। गांव में भौतिक सुविधाओं को विकसित करने के साथ जरुरमंदों को आवास और अन्य सुविधाएं देने का दावा किया गया है। इसी गांव में शनिवार की रात कच्चा मकान ढहेने से संजय (40), उसकी पत्नी पूजा (37), पुत्री सुनैना (09), पुत्र सत्यम (छह), शिवम (चार वर्ष) गंभीर रुप से घायल हो गया। कच्चे मकान के गिरने और चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग पहुंचे और मशक्कत कर मलबे को हटाया। इसके बाद उसमें दबे सभी को बाहर निकाला। अचेतावस्था में सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने सभी की हालत गंभीर देख बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। यहां दो लोग की हालत गंभीर बताई जा रही है।
विकास खंड के तारापुर गांव में राबिया बेगम, सहरोई में विनोद राम का कच्चा मकान रविवार को भरभरा कर गिर गया। इससे घर में रखे अनाज,चारपाई, बिस्तर, साइकल सहित गृहस्थी का पूरा सामान दबकर नष्ट हो गया। सहरोई में विनोद का मकान गिरने से उसकी पत्नी आनंदी (42) को हल्की चोट लगी है। अब यह दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है।