विष्णुकांत ने बताया कि आयकर विभाग ने कब्जे में लिए गए नगदी, जेवरात, प्रॉपर्टी और कागजात के विषय में पूछताछ की। केजेएस ग्रुप से खरीदे गए क्लिंकर के कागजात की भी जांच की। विष्णुकांत का दावा है कि जांच के दौरान सभी क्लिंकर ख़रीद का भुगतान बैंक से पाया गया। नगदी, जेवरात और प्रॉपर्टी के सभी हिसाब कागजात के मिलान पर ठीक मिले। बताया कि आयकर विभाग की ओर से जानकारी मांगे जाने पर वह सहयोग करते रहेंगे।
गौरतलब है कि आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि केजेएस ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर सीमेंट व क्लिंकर की नगद बिक्री की जा रही है। इसके बाद विभाग ने केजेएस ग्रुप के साथ-साथ उससे जुड़े सभी कारोबारियों को अपने रडार पर ले लिया है। इस ग्रुप से सीमेंट व क्लिंकर की बड़े पैमाने पर खरीदारी करने वाले कारोबारियों के प्रयागराज, गोरखपुर और चंदौली सहित 15 स्थानों पर छापा मारा गया था।