नक्सल क्षेत्र में खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
अत्यंत पिछड़े व पहाड़ी क्षेत्र में पीएसी ट्रेनिंग सेंटर बनने से वहां के लोगों के लिए नए रोजगार का सृजन होगा। इससे पहले चकिया में दो मार्च 2019 को तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 74 हेक्टेयर में सीआरपीएफ सेंटर के निर्माण की सौगात दी थी। अब वहां पीएसी का सेंटर बनने से नक्सल क्षेत्र में रोजी-रोजगार के अवसर मिलेेंगे।
नक्सली हमले में गई थी पीएसी जवानों की जान
शिकारगंज। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 19 नवंबर 2004 को बड़ी नक्सली घटना हिनौत घाट में हुई थी। नक्सलियों ने पुलिया पर बारूदी सुरंग बिछाकर जंगल में सर्च करने जा रहे पीएसी के करीब 16 जवानों की हत्या कर दी थी। तब से नक्सल क्षेत्र में सीआरपीएफ कैँप कर रही थी। इसके बाद वहां की स्थिति सुधरी और लोग मुख्यधारा जुड़ने लगे। लेकिन ब वहां पीएसी सेंटर बनने से वहां विकास की गति तेज होगी।
पीएसी द्वितीय वाहिनी का ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए पचफेड़िया गांव के ढोलकिया बस्ती में 128 बीघे भूमि चिह्नित कर ली गई है। उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
फूलचंद यादव, तहसीलदार, चकिया
पीएसी ट्रेनिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसकी मंजूरी मिल गई है। ट्रेनिंग सेंटर बनने से पिछड़े क्षेत्र के गरीबों को रोजगार मिलेगा। साथ ही क्षेत्र का विकास होगा।
शारदा प्रसाद, विधायक, चकिया