पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में जब देश लॉकडाउन था, उसी समय वन विभाग ने नौगढ़ के परसाघाट देवखत में 21 वनवासियों की झोपड़ी को जेबीसी से उजाड़ दिया था। इससे वनवासियों को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ा। इस मामले को मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश और प्रमुख सचिव जनजातीय विकास को समन भेजकर 16 जून को कार्यालय में तलब किया है।
वर्ष 2020 के अप्रैल महीने में वन विभाग ने नौगढ़ के परसाघाट देवखत में 21 वनवासियों के झोपड़ी को उजाड़ दिया था। ह्यूमन राइट सीडब्लूए के चेयरमैन योगेन्द्र कुमार सिंह ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से की थी। आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की थी। इस पर वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट भेजी। वन विभाग के रिपोर्ट पर ह्यूमन राइट सीडब्लूए ने आपत्ति जताते हुए पूरी रिपोर्ट को फर्जी करार दिया। चेयरमैन ने आयोग को भेजे गए रिपोर्ट में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। आयोग ने शिकायत को संज्ञान लेते हुए मुख्य वन संरक्षक लखनऊ और प्रमुख सचिव जनजातीय विभाग को मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 के तहत सम्मन भेजकर 16 जून को रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। इसकी एक प्रति योगेन्द्र कुमार सिंह को भी भेजी है।