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बरहनी और चहनिया को छोड़कर सभी ब्लाकों में गिरा भू-गर्भ जलस्तर

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पीडीडीयू नगर। मनमाने ढंग से बोरिंग और जल के दुरुपयोग के कारण भू-गर्भ जलस्तर तेजी से गिर रहा है। चंदौली जिले के बरहनी और चहनिया ब्लॉकों को छोड़कर अन्य सभी ब्लाक क्षेत्रों में भू-जल के स्तर में गिरावट आई है। भू-गर्भ जल विभाग की ताजा रिपोर्ट में पता चला है कि एक साल में (प्री मानसून) 1.90 मीटर तक जलस्तर खिसक गया है। यदि यहीं स्थिति रही तो जिले के कई ब्लाक अति दोहित श्रेणी में आ जाएंगे। जिले में सबसे खराब स्थिति धानापुर और चंदौली ब्लाक क्षेत्रों की है। धानापुर में 1.90 मीटर जलस्तर एक साल में नीचे गया है। 16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भू-जल सप्ताह में वर्षा जल के संरक्षण को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
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जिले में भू-गर्भ जलस्तर की स्थिति क्या है इसकी हर वर्ष जांच होती है। भू-गर्भ जल विभाग के लोग जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों में अलग-अलग स्थान चिह्नित करके वहां जांच करते हैं। जांच वर्ष में दो बार होती है। प्री मानसून जांच यानी जून के महीने में और पोस्ट मानसून यानी अक्टूबर-नवंबर माह में जांच की जाती है। वर्ष 2020 में प्री और पोस्ट मानसून जांच हुई थी। इस वर्ष यानी 2021 में प्री मानसून जांच की जो रिपोर्ट आई है वह चिंतित करने वाली है।
जलस्तर बढ़ाने के प्रयास का दावा
जिले के अधिकारी भू-गर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जाने का दावा करते हैं। अधिकारियों की मानें तो तालाब, पोखरों के सुदृढ़ीकरण के जरिए वर्षा जल को बचाने का प्रयास है। साथ ही वर्षा जल बचाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर काम चल रहा है। आने वाले दिनों में इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। बारिश के हर बूंद को बचाकर भू-जल स्तर बढ़ाने काका प्रयास किया जा रहा है।
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