पीडीडीयू नगर। जीआरपी ने आउटर पर खड़ी ट्रेनों से यात्रियों के सामान चुराने वाले चोर गिरोह का खुलासा किया है। मंगलवार की सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक और दो के पास से चार युवकों को 17 मोबाइल, ढाई लाख रुपये मूल्य के गहने और 78 सौ रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार किया। सीओ जीआरपी सुनील कुमार ने बरामदगी टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार गश्त की जा रही है। मंगलवार की सुबह आठ बजे प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह, एसआई अजय प्रताप यादव, संतोष कुमार ओझा टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इसी बीच प्लेटफार्म संख्या एक और दो के पश्चिमी छोर पर चार संदिग्ध युवक दिखे। उन्हें पकड़ कर बैग की तलाशी लेने पर उनके पास कई मोबाइल और गहने मिले। थाने लाकर जांच गई तो कुल 17 मोबाइल फोन, लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के सोने चांदी के गहने और 7800 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में चारों ने अपना नाम क्रमश: शशिकांत उर्फ मुत्तन और शुभम यादव निवासी ओदरा धानापुर, राजा माली निवासी धानापुर, विवेक चौहान उर्फ लालू निवासी सिहावल थाना धानापुर बताया। सीओ ने बताया कि शशिकांत चोर गिरोह का सरगना है और वह पहले भी जेल जा चुका है। बताया कि चारों बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों को कुचमन स्टेशन और आउटर पर निशाना बनाते थे। वे रात में खड़ी ट्रेन में चढ़ जाते और सामान चोरी कर उतर जाते। गिरफ्तारी टीम में हेड कांस्टेबल अरविंद भारद्वाज, अतुल सिंह, प्रेम सिंह, हरिमोहन, धीरज कुमार मिश्रा, गौरव कुमार राय रहे।
पीडीडीयू नगर। जीआरपी के हत्थे चढ़े चोर गिरोह के सभी सदस्य 19 से 21 वर्ष के हैं। चारों ने स्वीकार किया कि वे शौक को पूरा करने के लिए चोरी करने का रास्ता चुना है। शशिकांत पहले से ही चोरी करता रहा है और तीन युवक भी उसके बहकावे में आकर चोरी करने लगे। संवाद
पीडीडीयू नगर। चोर गिरोह के सदस्य आउटर पर खड़ी ट्रेनों पर सवार होकर चोरी करने के साथ ही दिन में चलती ट्रेनों से भी यात्रियों के मोबाइल छीन लेते थे। इस दौरान कई बार यात्री गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। अक्सर आउटर पर चलती ट्रेन से यात्री के गिर कर मरने की सूचना मिलती है। इसमें भी इस गिरोह का हाथ रहा है। संवाद