पीडीडीयू नगर । महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत छात्रों को अब छह विषयों की पढ़ाई करनी होगी। इन छह विषयों में वोकेशनल कोर्स का भी एक विषय होगा। विडंबना यह है कि विश्वविद्यालय की ओर से वोकेशनल कोर्स में कौशल विकास के तहत गांधी विचार और आयाम को पढ़ाया जाएगा। शिक्षा प्रणाली में बदलाव के चलते महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष संसाधानों को जुटाने से लेकर छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम के बारे में समझाने की काफी बड़ी चुनौती है। नई शिक्षा नीति में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर पद्धति को लागू किया गया है। जुलाई 2020 को भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू किया है। नए सत्र से नई शिक्षा नीति को लागू करते हुए चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू कर दिया है। इस सिस्टम के तहत छात्र अपने मनपसंद विषयों का चुनाव कर सकता है। छात्रों को दो मुख्य विषय अपने संकाय से लेने होंगे। एक मुख्य विषय वह अपने संकाय अथवा किसी अन्य संकाय से ले सकता है। एक माइनर विषय और एक कैरिकुलर विषय का चुनाव करना होगा। व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाने के लिए उन्हें किसी वोकेशनल कोर्स का चुनाव भी करना होगा। इस प्रकार छात्र प्रथम सेमेस्टर में छह विषय पढ़ेंगे। नई प्रणाली के लागू होने के बाद महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष संसाधनों को जुटाने की बड़ी चुनौती है।
लाल बहादुर शास्त्री पीजी कालेज प्रचार्य डॉ. दीनबंधु तिवारी ने बताया कि
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सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से भविष्य में छात्रों की फीस में भी इजाफा हो सकता है। छात्र-छात्राओं को साल में दो बार परीक्षा फीस चुकानी पड़ेगी। वोकेशनल कोर्स मे कौशल विकास के रूप में विश्वविद्यालय की ओर से अभी गांधी विचार और आयाम विषय दिया गया है। अतिरिक्त विषयों के शिक्षण व्यवस्था महाविद्यालय को अपने संसाधनों से करनी है। ऐसे में महाविद्यालय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।-डॉ.दीनबंधु तिवारी, प्राचार्य, लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज
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सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद छह विषयों की पढ़ाई से छात्राएं भयभीत थी। ऐसे में छात्राओं को समझाना काफी बड़ी चुनौती थी। वोकेशनल कोर्स के रूप में महाविद्यालय में ड्राईंग, कार्टून आर्ट, मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट, गांधीवादी आयाम, साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग जैैसे विषयों को शामिल किया गया है। -डॉ. अनिता श्रीवास्तव, प्राचार्या, विक्रम सिंह कन्या महाविद्यालय, पीडीडीयू नगर