चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को उद्यान विभाग की ओर से प्याज की खेती करने के लिए नि:शुल्क बीज वितरण का आयोजन हुआ। इसमें डीएम संजीव सिंह जिले के 50 चयनित किसानों को प्याज का बीज सौंपा। उन्होंने आधुनिक खेती के प्रति किसानों की रुचि देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही खेती के दौरान कृषि विशेषज्ञों का सुझाव लेने पर जोर दिया।
जिला उद्यान अधिकारी अलका श्रीवास्तव ने बताया कि खरीफ के सीजन में प्याज की खेती के लिए विभाग की ओर से किसानों को अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसानों का विभाग में पंजीयन होना जरूरी है। कहा कि खरीफ के सीजन में प्याज की खेती के लिए मई से अगस्त माह तक नर्सरी डाला जा सकती है। इसके बाद अक्तूबर माह से प्याज का उत्पादन शुरु हो जाएगा। खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी तथा ढलावदार खेत होना जरुरी है। क्योंकि पानी निकासी नहीं होने पर फसल खराब हो जाएगी। डीएम संजीव सिंह ने कहा कि आधुनिक खेती करने किसान अपनी आय दोगुनी कर सकता है। ऐसे में खरीफ के सीजन में प्याज की खेती का प्रयोग बहुत कारगर साबित होगा। उन्होंने प्याज के भंडारण व्यवस्था का प्रभावी बनाने पर जोर दिया। वहीं सीडीओ अजितेंद्र नारायण ने ज्यादा किसानों को प्याज की खेती से जोड़ने पर बल दिया। वहीं केवीके प्रभारी डा. एसपी सिंह ने प्याज के नर्सरी, हार्वेस्टिंग और रोग नियंत्रण के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस दौरान सुरेश मिश्रा, रणविजय सिंह, हरिश्चंद्र पटेल, लालमुनी राम, मोहन कुमार सोनकर मौजूद रहे।