चंदौली में पिछले तीन वर्षों में खेत में पराली जलाने के आरोप में जिले के पांच सौ से अधिक किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। साथ उन्हें लाखों रुपये जुर्माना लगाया गया। हालांकि वसूली की कार्रवाई अभी तक लंबित है। लेकिन शासन फरमान जारी करके किसानों पर से दर्ज मुकदमों को वापस कराने का निर्देश दिया है।
धान की फसल हार्रवेस्टर से कटवाने के बाद किसानों के सामने पराली निस्तारण की गंभीर समस्या रहती है। वहीं रबी की फसल की बुआई के लिए खेत को खाली करना भी पड़ता है।
ऐसे में किसान पराली को खेत में जलाने को विवश होता है। लेकिन अफसर एनजीटी के आदेश का पालन करते हुए किसानों को चिह्नित करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा देते हैं। अब किसानों को जल्द राहत मिलने जा रही है। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग किसानों पर पराली जलाने के सभी मुकदमों को वापस कराने की कार्रवाई में जुट गया है। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और पुलिस विभाग को जिम्मेदारी दी गई है।
खेत में पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए न्याय पंचायतवार कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक गोष्ठी लगाकर किसानों को पराली निस्तारण के उपायों को साझा करेंगे। साथ ही पराली निस्तारण के लिए जैविक विधि और दवाओं का वितरण करेंगे।