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चंदौलीः फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

Thu, 09 Sep 2021 09:55 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली

सार

फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वन विभाग की जाली रसीद और ई-चालान बनाने का काम करने वाले गिरोह का चंदौली पुलिस ने भंडाफोड़ किया।  पुलिस ने भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, मोहर आदि बरामद किया है।
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सरगना समेत तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी-बिहार सीमा पर स्थित चंदौली के नौबतपुर में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस ने किया है। गिरोह के सरगना सैयदराजा थाना क्षेत्र के बरठी कमरौर गांव निवासी गुफरान खान को अलीनगर थाने की पुलिस ने बुधवार रात पकड़ा। उसकी निशानदेही पर उसके दो साथियों को भी पकड़ लिया।

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आरोपियों के पास से पुलिस ने कई कूटरचित दस्तावेज, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, मुहर बरामद किया है।  पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।  वन विभाग के दरोगा संजय कुमार ने पांच अगस्त को अलीनगर थाने में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि लकड़ी लदा एक ट्रक सैयदराजा से रामनगर की ओर जा रहा है।

जिसपर पुलिस ने ट्रक को रोक कर जांच की तो चालक के पास से वन विभाग का फर्जी अभिवहन पास व परिवहन रसीद मिला। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसपी ने अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जांच के दौरान अलीनगर पुलिस टीम ने बरठी कमरौर गांव में छापा मार कर गुफरान खान को उसके घर से पकड़ा।

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फर्जी ई-चालान तीन हजार रुपये में

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने परेवा निवासी पवन कुमार गुप्ता व नौबतपुर निवासी इरफान खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, फिंगरप्रिंट, स्कैनर, लैपटॉप, प्रिंटर, फर्जी मुहरें आदि बरामद हुई।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के आरोपियों ने बताया कि बिहार से कोयला आदि लाद कर आने वाले ट्रकों का फर्जी अभिवहन पास सी-6सी व शिड्यूल रसीद बनाकर ट्रक चालकों को देते थे। इसके एवज में उन्हें प्रति रसीद  1750 रुपए लेते थे। वहीं ई-चालान को एडिट कर उसकी तिथि बदल देते थे। जिसके एवज में तीन हजार रुपये लेते थे। 

सैयदराजा पुलिस को क्यों नहीं लगी भनक?

सैयदराजा थाना क्षेत्र में अवैध तरीके से दस्तावेज बनाये जाने का कारोबार कोई नया नहीं है। इसके पहले भी पुलिस अधिकारी छापेमारी में काफी संख्या में फर्जी डीएल, वन विभाग रसीद आदि बरामद कर चुके है। ऐसे में सवाल इस बात का है कि फर्जी दस्तावेजों का इतना बढ़ा खेल चलता रहा और सैयदराजा थाने को भनक तक नहीं लगी। वहीं दूसरी तरफ चर्चा इस बात की भी है कि वन विभाग के दरोगा ने फर्जी अभिवहन रसीद पर ट्रक के जाने की सूचना सैयदराजा थाने में क्यों नहीं दर्ज कराई। 
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अष्टधातु के शंख के साथ भी पकड़ा जा चुका है गुफरान

मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने अप्रैल 2019 में पटनवा गांव के समीप एक मुठभेड़ के बाद बोलेरो सवार पांच बदमाशों को पकड़ा था। उस दौरान पुलिस ने उनके पास से लगभग ढाई करोड़ रुपये की कीमत का एक अष्टघातु का शंख बरामद किया था। बताया गया था कि अष्टघातु का शंख आंध्र प्रदेश स्थित एक मंदिर से चुराया गया था। उस गिरोह में गुफरान भी शामिल था। पुलिस के अनुसार जेल से छूटकर आने के बाद गुफरान ने जाली दस्तावेजों को बनाने के कार्य में जुट गया था। 
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