महर्षि याज्ञवल्क्य की तपोभूमि स्थित स्वयंभू शिवलिंग का मंगलवार को
पूजन-अर्चन करने के पश्चात बुधवार को दूसरे दिन भी भक्तों ने मेले का लुत्फ
उठाया। वहीं महादेव के जनवासे में जुटीं महिला भक्तों ने मंगल गीत गाने के
साथ ही खिचड़ी के अन्य रस्मों को भी पूरे विधिविधान से पूरा किया।
इस
दौरान मेले में ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की, वहीं बच्चे चाट-पकौड़ी,
गुड़हिया जलेबी के साथ ही चर्खी और झूले का जमकर लुत्फ उठाया।
महाशिवरात्रि
के अवसर पर जागेश्वरनाथ धाम परिसर में लगने वाले मेले के दूसरे दिन बुधवार
को सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं ने भगवान शिव के जनवासे में मंगलगीत गाया तथा
शिव और पार्वती विग्रह को स्थापित कर विवाह संस्कार प्रतिपादित करने के साथ
ही खिचड़ी की अन्य रस्मों को भी पूरा किया।
तत्पश्चात महिलाओं ने मेले का
जमकर आनंद उठाया। मेले में लगे चाट पकौड़ी, गुड़हिया जलेबी और घर-गृहस्थी
के अन्य सामानों की खरीदारी की। मेले की सुरक्षा व्यवस्था में कोतवाल एके
सिंह, ग्राम प्रधान रामचंदर यादव सहित अन्य लोगों ने अपना सहयोग प्रदान
किया।
उधर सकलडीहा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के सकलडीहा रेलवे स्टेशन
स्थित बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर में शिवरात्रि के दिन लगने वाले मेले के
दूसरे दिन श्रद्वालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी।
भीड़ को देखते हुए
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस प्रशासन तैनात रहा। मेले
में सुबह दस बजे से देर शाम तक महिलाओं व पुरुषों ने सामानों की जमकर
खरीदारी की। वहीं ओखली व मूसर की खास बिक्री देखी गई। शांति व्यवस्था बनाए
रखने के लिए कोतवाली प्रभारी आरपी यादव अपने दल बल के साथ चक्त्रस्मण करते
रहे।
महाशिवरात्रि के दूसरे दिन बुधवार को एमएसडी फाउंडेशन उत्तर प्रदेश
द्वारा आयोजित सहायता शिविर में मदद लेने वाले शिव भक्तों की काफी भीड़
रही। जिसमें दर्जनों बिछुड़े बच्चों को उनके मां बाप से मिलवाया गया। इस
शिविर में आये लोगों को संबोधित करते हुए फाउडेंशन के संस्थापक हरवंश पटेल
ने कहा कि हम सभी को कुछ समय निकाल कर समाजसेवा के लिए समर्पित होने की
जरूरत है।
शिविर में सहयोग करने वालों में वीरेंद्र राय, रामचन्द्र सिंह,
भोलनाथ गुप्ता, अरविंद पटवा, गोरख यादव ग्राम प्रधान, हरिहर पाठक सहित कई
अन्य मौजूद रहे।
उधर मेले की वजह से भोजापुर रेलवे क्रासिंग के समीप
चंदौली-सकलडीहा मार्ग पर बुधवार को मेले की वजह से लगभग एक किलोमीटर लंबा
जाम लगा रहा। जिसकी वजह से पैदल चलने वाली राहगीरों को काफी दिक्कतों का
सामना करना पड़ा।