पीडीडीयू नगर। एक ओर बिजली विभाग पुराने और जर्जर हो चुके पोल व तार को बदलने का अभियान चला रहा है वहीं जिले में कई ऐसे गांव है जहां आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। बिजली विभाग बिजली आपूर्ति के एवज में बिल की वसूली तो कर रहा है पर सुविधाएं नदारद हैं। ऐसे गांवों में आए दिन लकड़ी के कमजोर खंभे टूटकर गिरते रहते हैं जिससे दुर्घटना के साथ आपूर्ति भी बाधित होती है।
बिजली विभाग पिछले जून माह से जर्जर पोल व तारों को बदलने का अभियान चला रहा है। इसके बावजूद न केवल ग्रामीण बल्कि नगरीय क्षेत्र में भी खंभों के अभाव में बांस व बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इन बांस व बल्ली पर एबीसी की बजाए खुले तारों से की जा रही आपूर्ति अक्सर दुर्घटना का कारण बनती है। नगर से सटे व चंदासी उपकेंद्र के फीडर नंबर पांच से जुड़े कूढ़े गांव की गलियों में बांस व बल्ली से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कुछ स्थानों पर तो बांस व बल्ली भी न होने से जमीन पर ही बिजली के तार दौड़ाकर आपूर्ति की जा रही है। वहीं काली महाल, कसाब महाल, नई बस्ती आदि इलाकों की अंदरूनी गलियों में भी बांस-बल्लियों के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है।
पड़ाव क्षेत्र के कई गांवों में भी कमोबेश यही हाल है। इन गांवों में मुख्य सड़कों के आसपास तो पोल दिख जाते हैं पर अंदर की गलियों में बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। क्षेत्र के रतनपुर, सेमरा, कटेसर, जलीलपुर, बहादुरपुर, चौरहट, बखरा, मढ़िया आदि गांवों में आज तक पोल नहीं लगाए गए हैं। वहीं बास बल्ली के सहारे कई किलोमीटर तक तार खींचे जाने से आए दिन वे टूटते रहते हैं। एक बार खराब होने के बाद दो से तीन दिन में समस्या का निदान होता है।
कंदवा क्षेत्र के असना, कंजेहरा, बहोरा चंदेल और भदखरी गांव में विद्युत आपूर्ति बांस बल्ली और जर्जर तार से की जा रही है। इन गांवों में जर्जर तार आए दिन टूट कर गिरते रहते हैं। जर्जर तारों और बांस-बल्ली के सहारे हो रही विद्युत आपूर्ति और बार-बार तार टूटने की घटना से इन गांवों के लोग दिन-रात दहशत के साये में जीने को विवश हैं। लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन आज तक बिजली विभाग ने जर्जर तारों को बदलना मुनासिब नहीं समझा।
इलिया कस्बा में बिजली के तार पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। आए दिन टूटकर गिर रहे तारों से लोग कभी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। वहीं कस्बा में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार भी बांस-बल्ली के सहारे लटका हुआ है। क्षेत्र के डेहरी कला गांव के पास भी हाईटेंशन तार जर्जर हो चुका है। बिजली विभाग इन जर्जर हो चुके तारों को बदलने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है।
अधीक्षण अभियंता मनोज पाठक ने बताया कि जर्जर हो चुके खंभों व तारों को बदलने का कार्य बरहनी ब्लॉक से शुरू किया जा चुका है। इन गांवों व मजरों में भी शीघ्र ही जर्जर खंभों व तारों को बदलवा दिया जाएगा।
बांस-बल्ली पर लटके तारों के सहारे हो रही बिजली की आपूर्ति
-जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों में दहशत, हैं परेशान, बिजली विभाग नहीं दे रहा ध्यान
-बिजली बिल लेते हैं पूरी पर सुविधाएं अधूरी, आए दिन होती हैं घटनाएं
रिपोर्ट- धनंजय, सुनील सिंह व राकेश केशरी
संपादन- धनंजय
बाइट- 2828