कंदवा। हीट वेव व लू की स्थिति शरीर की कार्यप्रणाली पर प्रभाव डालती है। इसकी चपेट में आने से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए लोगों को हीट स्ट्रोक से संबंधित चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए। यह जानकारी बृहस्पतिवार को पीएचसी बरहनी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने दीं।
उन्होंने बताया कि हीट वेव से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। हल्के रंग के पसीना शोषित कपड़े पहनने चाहिए और धूप के चश्मे, छाता, टोपी, गमछा का प्रयोग करना चाहिए। अगर खुले में काम कर रहे हों तो सिर, चेहरा, हाथ, पैर को कपड़े से ढके रहें व छाते का प्रयोग करें। यात्रा करते समय पीने का पानी साथ जरूर ले जाएं।ओआरएस का घोल, घर में बने हुए पेय पदार्थों जैसे लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें जिससे शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके। यदि हीट स्ट्रोक, हीट रैश या हीट क्रैंप के लक्षण जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना आना, मूर्छा आदि की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।