नियामताबाद । अलीनगर थाना क्षेत्र के चदरखां के पास नेशनल हाईवे पर मां कालिका ढाबा के संचालक की सोमवार की दोपहर करीब एक बजे फावड़े से प्रहार कर हत्या कर दी गई। सूचना पर एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी, फॉरेंसिक व क्राइम ब्रांच की टीम पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गई। घटना की वजह का पता नहीं चल सका है। सिकटियां हत्याकांड के बाद 56 घंटे के अंदर क्षेत्र में हुई दूसरी हत्या से लोगों में दहशत है। पुलिस के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अलीनगर थाना क्षेत्र के भरछा गांव के पूर्व प्रधान संतोष नारायण सिंह का मकान चंदरखा गांव के समीप नेशनल हाईवे के किनारे है। उसमें दो साल से सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के भोजापुर गांव निवासी और वर्तमान में वाराणसी के सामने घाट स्थित गायत्री नगर कॉलोनी में रहने वाले विनीत सिंह (46) मां कालिका नाम से ढाबा और रेस्टोरेंट का संचालन करते थे।
सोमवार को भी ढाबा खुला था। मकान मालिक संतोष नारायण किसी कार्यवश ढाबे पर पहुंचे। वहां उन्होंने ढाबे के बाहर बैठे कर्मचारी उज्ज्वल से विनीत सिंह के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वे ढाबे में है। जब संतोष ढाबे के अंदर पहुंचे तो वहां चौकी पर विनीत सिंह कंबल ओढ़े पड़े थे। उन्होंने सोचा कि वह सो रहे हैं तो विनीत सिंह को जगाने के लिए आवाज लगाई। लेकिन तभी उनकी निगाह जमीन पर पड़े खून पर चली गई। उन्होंने तत्काल सूचना अलीनगर पुलिस को दी। इसके बाद एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी, सीओ सदर अनिल राय, अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच व फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। घटनास्थल पर खून से सना फावड़ा भी पड़ा था। पुलिस ने शव व फावड़े को कब्जे में ले लिया। उज्ज्वल को हिरासत में लेकर पुलिस जांच में जुट गई। मौके पर ढाबे में और कोई कर्मचारी नहीं मिला। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के सिकटिया चौराहे पर शनिवार की सुबह छह बजे के करीब विशाल पासवान की लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई थी।
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ढाबे के कर्मचारियों पर शक
नियामताबाद। ढाबा संचालक की हत्या के बाद शक की सुई कर्मचारियों की ओर जा रही है। विनीत सिंह के ढाबे में चार कर्मचारी काम करते थे। इनमें दो दिन व दो रात में रहते थे। उज्ज्वल घटना के बाद ढाबे के बाहर बैठा था। पुलिस के अनुसार इस मामले का खुलासा जल्द ही हो जाएगा।
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विनीत का नहीं था किसी से विवाद
नियामताबाद। ढाबा संचालक विनीत सिंह वाराणसी के सामने घाट स्थित गायत्री नगर कॉलोनी में मकान बनवाकर सपरिवार रहते थे। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार वह काफी हंसमुख व मिलनसार व्यक्ति थे। उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। सप्ताह में किसी न किसी दिन वे भोजापुर अपने पैतृक आवास जरूर जाते थे। सोमवार की सुबह करीब नौ बजे वह ढाबे पर पहुंचे थे।
कोट...
मां कालिका ढाबा के संचालक की हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अभी मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कारण का पता चलेगा। दोषियों को किसी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। - अनिल राय, सीओ सदर।
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