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सड़क के गड्ढे में गिरकर घायल हुए वृद्ध की मौत

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चंदौली। साइकिल से घर जाने के दौरान तीन अक्टूबर को बरठा पुरवां सड़क मार्ग के गड्ढे में गिरकर घायल हुए पुरवा निवासी 68 वर्षीय वृद्ध की बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वृद्ध का शव लेकर विकास भवन के सामने प्रदर्शन किया। इस मार्ग को बनाने के लिए ग्रामीण पिछले दस दिनों से धरने पर बैठे हैं पर प्रशासन जान कर अनजान बना हुआ है। सड़क पहले बन गई होती तो शायद वृद्ध की जान नहीं जाती।
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बरठा पुरवां सड़क मार्ग का निर्माण रहा है। गिट्टी भी बिछाई गई है पर बीच मार्ग में ही गांव के एक व्यक्ति के द्वारा अवरोध उत्पन्न कर दिया गया है। जिससे मरम्मत का काम बंद है। करीब दो सौ मीटर की सड़क बेहद खराब और गड्ढों से भरी हुई है। तीन अक्टूबर को चंदौली से अपने घर पुरवा साइकिल से जा रहे 68 वर्षीय वृद्ध शमशेर सिंह गड्ढों की वजह से गिर गए थे। उनके आंत और कुल्हे में गंभीर चोटें आईं। उन्हें पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बीएचयू रेफर किया गया जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। वृद्ध के मौत से आक्रोशित और पिछले दस दिनों से इसी मार्ग के लिए धरने पर बैठे ग्रामीणों ने शव को विकास भवन के सामने रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। बताया कि यह मौत प्रशासन की वजह से हुई है। धरना प्रदर्शन की जानकारी होते ही मौके पर दो थानों की भारी फोर्स जमा हो गयी। साथ ही नायब तहसीलदार ध्रुवेेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुरवा निवासी अधिवक्ता झन्मेजय सिंह ने इस मौत के लिए जिला प्रशासन व उसकी जनविरोधी कार्य प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि यदि सड़क का निर्माण करा दिया गया होता तो पुरवा निवासी शमशेर बहादुर को अपनी जान नहीं गंवानी नहीं पड़ती। पिछले दस दिनों से सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा भूमाफियाओं को शह दिया जा रहा है जिससे जमीन संबंधित विवाद बढ़ रहे हैं। तहसीलदार के 24 घंटे में काम शुरू कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
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