जिले में अब तक कुल 25 मरीज डेंगू के पाए गए थे, लेकिन इसमें से 21 स्वस्थ हो चुके हैं। जिला अस्पताल में अभी भी चार लोगों का इलाज चल रहा है। ओपीडी में मंगलवार को लगभग 800 ने अपना इलाज कराए। इसमें वायरल फीवर के मरीजाें की संख्या ज्यादा थी।
मौसम परिवर्तन के बाद जनपद में मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। अगस्त में कुल डेंगू के 25 मरीज पाए गए थे जिसमें 21 मरीज स्वस्थ होकर अपने अपने घरों को लौट गए वही अभी भी चार मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका इलाज चल रहा है। मलेरिया के 20 मरीज पाए गए थे। सभी स्वस्थ हो चुके हैं । जिला अस्पताल के ओपीडी में सबसे अधिक वायरल फीवर मरीज आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ संजय कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम आते ही बहुत सी बीमारिया फैलने लगती है, उनमे से एक डेंगू है। डेंगू की बीमारी डेंगू मच्छर के काटने से होता है। इसलिए अपने घर के आसपास गंदे पानी को जमा न होने दे और साफ सफाई का अधिक ध्यान रखें। हालांकि डेंगू बीमारी का सही समय पर उपचार करना बहुत जरुरी होता है क्योंकि उचित समय पर रोकथाम न करने पर व्यक्ति का स्वास्थ्य और खराब हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगो में डेंगू का अधिक प्रभाव होने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है। डेंगू का उपचार बहुत जरुरी होता है, किंतु डेंगू से बचाव करना भी जरुरी होता है।आमतौर पर बच्चों में डेंगू के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, क्योंकि वे सामान्य बुखार के जैसे ही होते हैं। वे बीमारी की गंभीरता पर भी निर्भर करते हैं। एडीज मच्छर द्वारा काटे जाने के 4 दिनों से लेकर 2 सप्ताह के बीच कभी भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।