चंदौली में नरायनपुर पंप कैनाल से संबद्ध अमड़ा बड़ी नहर व उसकी शाखाओं में इन दिनों पानी नदारद है। इससे किसानों की धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। पानी के अभाव में खेतों में पड़ती दरारों को देखकर किसान काफी चिंतित हैं। जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौन साधे बैठे हैं। किसानों ने चेताया यदि नहरों में पूरी क्षमता के साथ पानी नहीं छोड़ा जाता है तो हम सड़क पर उतरेंगे।
नरवन परगना के 125 गांवों के खेतों की सिंचाई के लिए नरायनपुर से निकली अमड़ा बड़ी नहर से पानी उपलब्ध होता है। इस नहर से करीब दो दर्जन छोटी बड़ी माइनरों से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। इन दिनों बड़ी नहर में पानी न के बराबर है। इससे टेल के गांवों के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे उनके धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं और पानी के अभाव में फसलें भी सूखने लगी हैं।
किसानों का कहना है कि पानी के अभाव में सैकड़ों एकड़ धान की फसल सूखने की कगार पर है। इसे देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं। क्षेत्र के किसान रमेश राय, देवेंद्र राय, विद्यासागर सिंह, केदार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अलगू राय, मेजर शर्मा आदि ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है, लेकिन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। अगर पूरी क्षमता से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो हम किसान धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।