विकास खंड के कम्हारी गांव में बने सामुदायिक शौचालय की चाबी रविवार को स्वयं सहायता समूह को सौंपे जाने से ग्राम प्रधान व ग्रामीणों में रोष है। आरोप है कि शौचालय की टंकी सही नहीं बनी है और उसकी छत पर दरार भी दिख रही है। इसके बावजूद ब्लॉक अधिकारियों ने समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंप दी है।
विकास खंड के 104 गांव में साढ़े चार लाख की लागत से हर ग्राम सभा में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। जिला प्रशासन के दबाव में ब्लॉक के अधिकारियों ने 66 गांवों के शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को देते हुए नौ हजार रुपए का भुगतान भी कर दिया है। ऐसा तब किया गया है जब ज्यादातर शौचालयों पर अभी भी ताला लटक रहा है। रविवार को कम्हारी गांव के आधे-अधूरे बने शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान अश्वनी श्रीवास्तव पर दबाव बनाने के बाद उद्घाटन कर गांव की ही यमुना आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सत्ती देवी व मुन्नी देवी को सौंप दी गई। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शौचालय निर्माण में मानक की धज्जियां उड़ाई गई हैं। छतों में दरार पड़ गई है और शौचालय की टंकी में सही नहीं बन पाई है। इस संबंध में एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने बताया कि शौचालय के अधूरे काम को पूरा करा दिया जाएगा।