चंदौली जिले के चकिया रोडवेज स्टेशन से संचालित होने वाली लगभग 20 रोडवेज बसें बीते एक सप्ताह से पूरी तरह ठप पड़ी हैं। इन बसों के संचालन पर अचानक ब्रेक लगने से आम यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इन बसों से रोजाना 400 से ज्यादा यात्री सफर करते थे। वहीं, निजी टैक्सी, जीप व ऑटो चालकों के चेहरे पर राहत की मुस्कान देखी जा सकती है, क्योंकि बस सेवा बंद होने से उनके व्यवसाय को सीधा लाभ मिल रहा है।
चकिया डिपो से चलने वाली ये सभी बसें अब तकनीकी रूप से अनुपयुक्त (रिजेक्ट) हो चुकी हैं। फिटनेस की अधिकतम अवधि 15 वर्ष पूरी होने के चलते इन्हें सेवा से बाहर कर दिया गया है। इसमें चकिया से नौगढ़, पीडीडीयू नगर, अहरौरा, लंका, वाराणसी सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर संचालित होने वाली बसें शामिल हैं।रोडवेज की बसें आम यात्रियों के लिए सस्ता, सुरक्षित और नियमित साधन थीं। लेकिन सेवा के ठप पड़ने से अब यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो न केवल महंगे हैं बल्कि अनियमितता और असुरक्षा के चलते यात्रियों को असुविधा हो रही है। छात्र, श्रमिक, किसान और खासकर बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।