शुक्रवार को वाराणसी में सीबीसीआईडी की सीओ सुनीता सिंह, निरीक्षक राकेश यादव और मोहित यादव मनराजपुर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी लेनी चाही, लेकिन किसी भी सदस्य ने उनका सहयोग नहीं किया।
निशा के पिता कन्हैया यादव ने बताया कि सीबीसीआईडी की जांच से संतुष्ट नहीं है। घटना की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए। ऐसे में तीन घंटे तक पूछताछ के बाद टीम वापस चली गई। सीओ सुनीता ने बताया कि मंगलवार को सीबीसीआइडी के एडीजी और एसपी इस घटना की जांच के लिए मनराजपुर गांव पहुंचेंगे।
मनराजपुर की घटना की न्यायिक जांच कराने और आरोपियों को धारा-302 के तहत मुकदमा कायम कर दंडित किए जाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सीपीआईएम ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पीड़ित परिजनों को 50 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग की।
आईपीएफ नेता अजय राय ने कहा कि महिला अपराध के मामले में पुलिस व शासन की शिथिलता के कारण दोषियों को दंड नहीं मिला रहा है, जिससे महिला उत्पीड़न, बलात्कार व हत्या जैसे जघन्य अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार को कमजोर व असहाय वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए एक बेहतर माहौल प्रदेश व देश में कायम करने की जरूरत है। अंत में कार्यकर्ताओं ने पांच सूत्रीय ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम सदर को सौंपा।