पीडीडीयू नगर। रंगों का त्योहार होली में एक माह का समय बचा है। ऐसे में कमाने के लिए महानगरों में गए लोगों ने लौटने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में महानगरों से लौटने वाली ट्रेनों में सीटों की मारामारी शुरू हो गई है। स्थिति यह कि डाउन की सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीट फूल हो चुकी है। ठंड की वजह से महत्वपूर्ण ट्रेनों के रद्द होने के कारण भी दिक्कत हो रही है। अब बंद ट्रेनों को चालू करने और होली स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग भी शुरू हो गई है।
चंदौली सहित आस पास के जिलों से और बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत सहित अन्य औद्योगिक इलाकों में गए हैं। ये लोग होली, दीपावली, डाला छठ सहित अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों पर घर लौटते हैं। ऐसे में होली नजदीक आते ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। कोरोना के कारण ट्रेनों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। अभी भी सामान्य बोगी में रिजर्वेशन की व्यवस्था है। वहीं वेटिंग टिकट पर स्लीपर अथवा एसी कोच में यात्रा पर रोक है। ऐसे में वापस लौटने वाले रिजर्वेशन कराने में जुट गए हैं लेकिन सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों की सीट पहले ही फूल हो चुकी है। ठंड की वजह से 28 फरवरी तक पीडीडीयू जंक्शन से होकर गुजरने वाली 30 जोड़ी से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था। इससे यात्रियों को अधिक परेशानी हो रही है। वहीं कोरोना के पहले प्रति वर्ष होली पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती रही है। इस वर्ष अभी तक इस बारे में रेलवे की ओर से कोई सूचना जारी नहीं हुई है। इसस यात्री निराश हैं। नगर के हनुमानपुर निवासी रामाश्रय ने बताया कि उसका भाई मुंबई से आना चाहता है लेकिन किसी ट्रेन में सीट खाली नहीं है। मुबई पटना, भागलपुर, कोलकाता मेल, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस में 15 तक सीट नहीं है। इसी तरह कैथापुर निवासी मनोज ने बताया कि चेन्नई से आने वाली गया एक्सप्रेस में 15 मार्च को 202 वेटिंग हैं जबकि संघमित्रा एक्सप्रेस के स्लीपर में 221 वेटिंग दिखा रहा है। चतुर्भुजपुर निवासी किशुन यादव, परशुरामपुर निवासी सोनू आदि ने बताया कि बंद ट्रेनों के चालू होने और होली स्पेशल ट्रेन चालू करने से राहत मिल सकती है।