ताराजीवनपुर। क्षेत्र के माटीगांव शिव मंदिर प्रांगण में चल रहा उत्खनन का काम शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। उत्खनन विभाग बीएचयू पुरातत्व विभाग की टीम की देख रेख में उत्खनन किया गया। खोदाई में फिर से मृदभांड, मिट्टी के डिस्क सहित अन्य पुरावशेष मिले।
माटीगांव उर्फ फरसंडपुर में एक सप्ताह पहले जब से उत्खनन शुरू हुआ है तब से लोगों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों को विश्वास है कि उत्खनन में जिस तरह से पुरावशेष मिल रहे हैं। उससे क्षेत्र केे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसी वजह से लोग लगातार उत्खनन स्थल पर पहुंच रहे हैं और खनन पर नजर रख रहे हैं। बीएचयू की टम की देख रेख में लगातार खोदाई की गई। इसमें उत्तरी काली चमकीले मृदभांड परंपरा के पात्र एवं उससे संबंधित धूसर पात्र, लाल पात्र आदि प्राप्त हुए। इन पात्रों के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि मांटीगांव का इतिहास काफी पुराना रहा होगा। खोदाई में लगभग तीन हजार साल पुरानी वस्तुएं मिली हैं। खोदाई पूरी होने के बाद इस क्षेत्र की प्राचीनता का अनुमान विशेषज्ञ लगा सकेंगे।