चकिया । विकास खंड के मूडहुआ उत्तरी गांव में ताल बावली पोखरी की भूमि पर लंबे समय से कब्जा कर उसका उपभोग कर रहे गांव निवासी लल्लन उपाध्याय पर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 136 के तहत एक करोड़ रुपये से भी अधिक का जुर्माना लगाया है। यह अब तक सबसे बड़ा जुर्माना बताया जा रहा है।
एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि आठ जनवरी 2022 में लेखपाल तथा तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार मुड़हुआ उत्तरी ग्राम पंचायत में आराजी संख्या 146 दशमलव 2560 हेक्टेयर भूमि बावली ताल तथा पोखरी के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर गांव के ही निवासी लल्लन उपाध्याय ने फर्जी ढंग से पट्टे का हवाला देकर लंबे समय से कब्जा किया हुआ है। एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने ग्राम समाज के अधिवक्ता तथा लल्लन उपाध्याय के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद यह तथ्य पाया कि उक्त जमीन ग्रामसभा की है। इस दौरान लल्लन उपाध्याय के अधिवक्ता उक्त भूमि पर मत्स्य पालन पट्टे के अभिलेख नहीं प्रस्तुत कर सके। जिसके कारण जमीन को ग्राम सभा की जमीन माना गया। इस भूमि पर लंबे समय तक कब्जा करने तथा भूमि से उठाये गये लाभ को देखते हुए उन्होंने लल्लन उपाध्याय पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एसडीएम के कड़े रूख को देखते हुए सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनीं हुई है।