मुगलसराय। अलीनगर थानाक्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व हुए फर्जी मुठभेड़ के आरोपी एसआई हरिनाथ पांडेय को बृहस्पतिवार को एसटीएफ तथा जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने गोरखपुर से धर दबोचा। देर रात उसे टीम अपने साथ जनपद ले आई और पूछताछ में जुट गई।
गौरतलब है कि वर्ष 1996 में दिल्ली के व्यापारी कार से सवार होकर बिहार से वापस लौट रहे थे। इसी बीच अलीनगर थाना अंतर्गत कुछ पुलिसकर्मियों ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारी ने अपनी कार नहीं रोकी। इसी बीच पुलिस कर्मियों ने फर्जी सूचना वायरलेस के जरिए प्रसारित करा दी की कार में सवार बदमाश वाराणसी की तरफ भाग रहे हैं। व्यापारियों की कार जैसे ही अलीनगर थाना पार कर आगे बढ़ी तभी पुलिसकर्मियों ने कार को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो व्यापारियों की मौके पर ही मौत हो गई। मामले ने तूल पकड़ा और सीबीसीआईडी को उसकी जांच सौंप दी गई। जांच में 11 पुलिसकर्मियों को फर्जी मुठभेड़ का दोषी पाया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी और एसपी तक को तलब करने का फरमान सुना दिया था। दबाव बढ़ता देख पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए। अभी हाल ही में एक आरोपी सिपाही समरेन्द्र तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी क्रम में आरोपी एसआई हरिनाथ पांडेय को भी गोरखपुर में एसटीएफ और जिला पुलिस की विशेष टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया।