सरकार ने पिछले माह बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की ड्रेस और स्वेटर के लिए अभिभावकों के खातों में धनराशि उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन अभी भी 30 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस और स्वेटर की राशि नहीं पहुंच पाई है। अधिकारी इसका तकनीकी कारण बता रहे हैं।
जिले के 1158 विद्यालयों में करीब 2.25 लाख छात्र-छात्रा अध्ययन कर रहे हैं, इसमें 1.75 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी गई है। यह धनराशि बैंक के खातों में तकनीकी कमी के कारण अटक गई है। हजारों अभिभावकों के खाते बंद हो गए हैं, तो हजारों के खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं है। यूनिफार्म खरीददारी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार ने इस वर्ष यूनिफार्म की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया था। विद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं का आनलाइन डाटा फीड होना था। अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस बार यह धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से अभिभावकों के खाते में भेजने के आदेश दिए गए थे। अब तक 70 फीसद बच्चों के अभिभावकों के खाते में ही धनराशि भेजी गई है।