उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई जांच के लिए संदर्भित किए गए तीन हाई प्रोफाइल मामलों में से एक प्रकरण की जांच करने में सीबीआई की रुचि नहीं दिखाई पड़ रही है।
आगरा में शोध छात्रा नेहा शर्मा की सनसनीखेज हत्या के मामले में चूंकि, पुलिस पहले ही कुछ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लिहाजा सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने के लिए रुचि नहीं दिखाई है, जबकि बाकी के दोनों मामलों की जांच शुरू करने के लिए एजेंसी सहमति दे चुकी है।
जिन दो मामलों की सीबीआई ने जांच करने के लिए सहमति दी है, उनमें आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश कुमार सिंह उर्फ सीपू सिंह और मुरादाबाद की एमबीबीएस छात्रा नीरज भडाना की हत्या के मामले शामिल हैं।
आगरा में रिसर्च स्कालर नेहा शर्मा की पिछले दिनों कालेज की लैब में हुई सनसनीखेज हत्या के मामला की भी सीबीआई से जांच कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सिफारिश की जा चुकी है।
हालांकि, आगरा पुलिस ने नेहा शर्मा की हत्या के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा भी किया है और इसके लिए साक्ष्य हासिल होने की बात भी कही है।
पर नेहा शर्मा के परिवार के सदस्यों ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए राज्य सकार से मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। इसी आधार पर राज्य सरकार ने प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में ही कर दी थी।
लेकिन सीबीआई ने अभी तक नेहा शर्मा हत्याकांड की जांच को अपने हाथ में नहीं लिया है।
सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि सीबीआई को आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह व मुरादाबाद की एमबीबीएस छात्रा नीरज भडाना की जांच शुरू करने के लिए सोमवार को भी कार्मिक मंत्रालय से अधिसूचना जारी नहीं हो सकी थी, जिस वजह से सीबीआई जांच शुरू नहीं कर सकी है।