मुंबई में बैठकर उत्तर भारत से वापसी के लिए तत्काल टिकट कोटे के गोरखधंधे का पता लगाने के लिए उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन का प्रयास आखिरकार रंग लाया।
मंडल प्रशासन की सिफारिश पर सीबीआई ने सबूत जुटाने के लिए पिछले दिनों रेलवे के अधिकारियों के साथ गोदान एक्सप्रेस में छापेमारी की। इस दौरान यात्रियों को टिकट देने आया एक वाहक सीबीआई के हत्थे चढ़ गया।
उसकी निशानदेही पर वाराणसी, आजमगढ़ और बहराइच में मौजूद दलालों के यहां छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
तकरीबन 10 दिनों से पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन 11016 कुशीनगर एक्सप्रेस और 12541 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस में छापेमारी कर रहा है।
इसमें यह पता चला कि हाई प्रोफाइल दलालों और रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत से तत्काल कोटे की गोरखपुर व लखनऊ से मुंबई की 80 फीसदी सीटें मुंबई में ही बुक हो रही हैं।
इसकी जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे ने कई बार मध्य रेलवे मुख्यालय को भेजी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उत्तर रेलवे मंडल प्रशासन ने जांच में गोदान एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस और महानगरी एक्सप्रेस में मुंबई से जारी टिकट के कुछ मामले पकड़े। इसके बाद बोर्ड से सीबीआई जांच कराने की मांग की।
मिली हैं अहम जानकारियां
सूत्रों के मुताबिक इन बड़े दलालों ने मुंबई में एक बड़े रैकेट के बारे में सीबीआई को जानकारी दी है। वहां रेल आरक्षण बाबू से लेकर कई अफसरों तक के नाम दलालों ने सीबीआई को बताए हैं। सीबीआई अब मुंबई में कुछ लोगों की धरपकड़ और रेल अफसरों से पूछताछ करेगी। इसके लिए उत्तर रेलवे मुख्यालय को एक रिपोर्ट भेज दी गई है।
जैसी मजबूरी वैसा दाम
छापेमारी में करीब पांच दर्जन यात्रियों ने सीबीआई को एजेंटों के नाम, पते और मोबाइल फोन नंबर दर्ज कराए हैं। यात्रियों ने बताया कि वाराणसी से मुंबई का एसी श्रेणी के 2800 रुपये के टिकट के लिए एजेंट 8000 रुपये ले रहे हैं।