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राजा भैया पर कसेगा सीबीआई का शिकंजा?

Fri, 29 Mar 2013 07:46 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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कुंडा कांड में ग्राम प्रधान नन्हे के परिवार के सदस्यों को मुंह खोलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियों को लेकर पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और उनके गुर्गों पर सीबीआई का शिकंजा कस सकता है।
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अभी तक राजा भैया के बारे में सीधे तौर पर कोई आरोप न लगा रहे इस परिवार के सदस्यों ने तय किया है कि वे धमकियों को लेकर औपचारिक तौर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार परिवार ने शुक्रवार को लिखित शिकायत देने की बात कही है।

सीबीआई वैसे तो धमकी मिलने के मामले को स्थानीय पुलिस को देगी ताकि इस पर अलग मुकदमा दर्ज हो सके, लेकिन विवेचना के दौरान सामने आए इस तथ्य को वह अपनी केस डायरी में भी दर्ज करेगी।
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केस डायरी में राजा भैया व उनके गुर्गों के बारे में तस्करा चढ़ने के बाद सीबीआई जल्द ही उनसे पूछताछ भी करेगी।

सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि ग्राम प्रधान नन्हे के परिवार के लोगों ने बताया है कि कुछ दिनों पहले एक फोन आया था जिसमें राजा भैया या उनके लोगों के खिलाफ कोई भी बयान देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।

इसके अलावा राजा भैया के एक नजदीकी व्यक्ति की पत्नी ने भी प्रधान के परिवार की महिला सदस्यों से मुलाकात कर यह समझाया कि प्रधान समेत दो भाई मर चुके हैं मामले को तूल देने पर और नुकसान हो सकता है, लिहाजा मुंह बंद रखने में भलाई है।

जारी रहा पूछताछ का सिलसिला
सीबीआई ने गुरुवार को भी पूछताछ का सिलसिला जारी रखा। सीबीआई ग्राम प्रधान नन्हे की अन्य लोगों से रंजिश के बारे में जानकारी जुटा रही है।

हालांकि, अब तक की पड़ताल में सीबीआई के सामने नन्हे, उसके भाई सुरेश और सीओ जियाउल हक की हत्या की तस्वीर साफ हो चली है, लेकिन मामले का पटाक्षेप करने के लिए उसे कुछ और सबूतों व बयान की दरकार है। इनके हासिल होते ही सीबीआई केस के खुलासे की औपचारिक घोषणा कर सकती है।

विजय व संजय पाल की तलाश
सीबीआई को ग्राम प्रधान नन्हे की हत्या के मुख्य आरोपी कामता पाल के बेटे विजय पाल व नाती संजय पाल की तलाश है। यह दोनों अभी तक फरार चल रहे हैं और सीबीआई के सामने हाजिर नहीं हुए हैं।

सीबीआई ने उनके तलाश में कुछ दिनों पहले राज्य के बाहर दो जगहों पर दबिश भी दी थी, पर दोनों हत्थे नहीं चढ़े। जांच टीम के सदस्यों के मुताबिक विजय पाल और संजय पाल दोनों ही नन्हे के कत्ल के समय मौके पर मौजूद थे और उनसे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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