हर बारिश में यही कहानी...स्कूल बने ताल, कक्षों में भरा पानी
बुलंदशहर/ऊंचागांव। यूनिुसपुर और भड़काऊ गांव के सरकारी स्कूल जलभराव की वजह से तलैया बन गए हैं। बारिश का पानी यहां कक्षों के अंदर तक घुस गया है। यूनिसपुर में तो बच्चे जलभराव के बीच ही पढ़ते रहे जबकि भड़काऊ गांव के स्कूल में पानी भरा होने की वजह से बच्चों को वापस लौटना पड़ा।
गांव भड़काऊ के संवलियन विद्यालय में प्राथमिक कक्षाओं में 210 छात्र- छात्राएं और जूनियर कक्षाओं में 80 छात्र- छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां सात अध्यापक तैनात हैं। स्कूल का प्रागंण बहुत नीचा है, जिसके चलते बारिश होते ही अंदर पानी भर जाता है। बरसात के दिनों में विद्यालय में जलभराव होने के कारण अक्सर छात्र-छात्राओं को वापस लौटना पड़ता है। मंगलवार को पानी भरने से विद्यालय से बिना पढ़े छात्र घर वापस लौट गए और शिक्षक भी स्कूल में प्रवेश नहीं कर सके।
यूनिसपुर स्कूल में घुसा पानी, मच्छरों के बीच पढ़ रहे छात्र
गांव यूनिसपुर स्थित संवलियन विद्यालय में 198 बच्चे पंजीकृत हैं। बारिश के चलते स्कूल में में जलभराव हो जाता है। विद्यालय का परिसर गांव के मुख्य रास्ते से नीचा होेने के कारण गांव की नालियों का गंदा पानी विद्यालय प्रांगण में एकत्र हो जाता है। एकत्र गंदे पानी में मच्छर भी पैदा हो रहे हैं, जिससें छात्रों को संक्रमण हो सकता है। अध्यापक ने अफसरों को फोन द्वारा विद्यालय परिसर में पानी भरने की सूचना दी। सूचना पाकर एडीओ पंचायत हंसपाल चौधरी को विद्यालय पर भेजा। एडीओ पंचायत ने बताया जेबीसी मशीन द्वारा गंदे पानी की निकासी के लिए कच्चे नाले की खुदाई कराकर पानी को निकाला जा रहा है।
अफसरों को दी है जानकारी
ग्राम प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को विद्यालय परिसर में जल भराव की समस्या से अवगत करा दिया है। - देवेन्द्र कुमार, प्रधानाध्यापक, संवलियन विद्यालय भड़काऊ।
स्कूल मेें मच्छरों की भरमार
बरसात में गांव की गलियों का गंदा पानी स्कूल के कमरों से लेकर रसोईघर तक भर जाता है। स्कूल की चहारदीवारी के समीप भरे गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। रंजीत सिंह, शिक्षक, संवलियन विद्यालय भड़काऊ।
बच्चों को भेजते लगता है डर
बारिश में विद्यालय में पानी भर जाता है। साथ ही मच्छर पनपने की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। इस वजह से बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। - प्रकाश सिंह, अभिभावक, निवासी भड़काऊ।
पढ़ाई का नुकसान
कोविड महामारी में स्कूल ही नहीं खुल पाए हैं। बच्चों की पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ।अब स्कूल खुले है तो यहां जलभराव की समस्या आए दिन बनी रहती है। - रूकसाना, अभिभावक, निवासी भड़काऊ।
बैठने की जगह नहीं
स्कूल में गंदा पानी भर जाता है तो स्कूल बैठने के लिए जगह नहीं रहती है। जिससे पढ़ाई नहीं कर पाते है। - रिहाना, कक्षा छह।
कैसे पढ़ें
स्कूल में गंदा पानी भरने से पनपे मच्छरों के बीच कैसे पढ़ें। अब स्कूल में पानी भरा होने से बिना पढ़े ही घर लौटना पड़ रहा है। - आकाश, कक्षा दो।
जल्द करेंगे समाधान
दोनाें स्कूलों में बारिश का पानी भरा होने की सूचना मिल गई है। एबीएसए को जल निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। इस समस्या को जल्द ही दूर करवा दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। - अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी