यूक्रेन से घर पहुंचे जैद और खुशी, छलके आंसू
बुलंदशहर। जिले के गांव चंद्रावली का छात्र मोहम्मद जैद और गांव बिगरऊ निवासी छात्रा खुशी सोमवार को यूक्रेन से सकुशल वापस लौट आए। यूक्रेन के हालात और वतन वापसी की जद्दोजहद पर बातचीत करते हुए उनकी आंखें भर आईं। दोनों छात्रों ने सरकार का धन्यवाद किया और बाकी छात्रों को भी जल्द लाने की अपील की।
जैद ने बताया कि वह आठ दिसंबर को यूक्रेन पहुंचा था। उस समय ऐसा नहीं लग रहा था कि युद्ध होगा। वह उदघोद सिटी स्थित यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का छात्र है। उसने बताया कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि खाने-पीने के भी लाले हैं। बंकर में दोस्तों के साथ भूखा-प्यासा रहना पड़ा। देश वापसी का सफर काफी डरावना और खतरनाक रहा। जब पता चला कि इंडियन एंबेसी हंगरी के रास्ते देश भेज रही है और इसके लिए भारत सरकार ने आपरेशन गंगा चलाया है तो आस जगी कि अब सकुशल देश पहुंच जाऊंगा। कहा कि खारकी के पास नेट कमजोर है और वहां अभी भी अनेक छात्र परेशानी में हैं। वह गंगा आपरेशन के तहत रविवार रात दिल्ली पहुंचा और सोमवार अपने घर पहुंचा। अब अपने माता-पिता के बीच काफी राहत महसूस कर रहा है।
गांव बिगरऊ निवासी खुशी पुत्री भगवान सहाय यूक्रेन के टर्नोफिल शहर से एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के बाद से वह यूक्रेन में ही फंसी हुई थी। परिजन लगातार फोन से संपर्क में थे, लेकिन उन्हें खुशी की चिंता हो रही थी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के सहयोग से पहले वह रोमानिया बॉर्डर पहुंची और वहां से फ्लाइट के माध्यम से सोमवार शाम को दिल्ली पहुंची। खुशी के दिल्ली पहुंचने पर परिजनों ने खुशी जाहिर की। परिजनों ने सरकार का धन्यवाद करते हुए अपील की कि अन्य भारतीय विद्यार्थियों को भी शीघ्र देश लाने की तैयारी की जाए।